DMK

  • तिरुचिरापल्ली में डीएमके का राज्य सम्मेलन 9 मार्च को

    डीएमके की ओर से 9 मार्च को सिरुगानूर में अपना 12वां राज्य सम्मेलन आयोजित करने की तैयारी कर रही है। पार्टी नेताओं का मानना है कि यह कार्यक्रम आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भरने और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।  डीएमके के 12वें राज्य सम्मेलन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। सिरुगानूर के पास लगभग 20 लाख वर्ग फुट में फैले विशाल परिसर में सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जहां तक जाने वाली सड़कों को पार्टी के झंडों, बैनरों से सजाया गया है। बड़े पैमाने पर चल रही तैयारियों से...

  • डीएमके, कांग्रेस पर मोदी का निशाना

    चेन्नई। तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की घोषणा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हजारों करोड़ रुपए की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे। सरकारी कार्यक्रम के बाद उन्होंने जनसभा भी की, जिसमें कांग्रेस और डीएमके पर जम कर हमला बोला। प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस के ऊपर पुडुचेरी को एटीएम बना लेने का आरोप लगाया तो तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके पर हमला बोलते हुए कहा कि उसने राज्य में विकास की अनदेखी की। उन्होंने मदुरै में यह भी कहा कि मदुरै डीएमके को कभी पसंद नहीं रहा। तमिलनाडु और पुडुचेरी की यात्रा पर पहुंचे मोदी ने रविवार को पुडुचीरे...

  • डीएमके में शामिल हुए पनीरसेल्वम

    चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में बहुत बड़ा घटनाक्रम हुआ है। एक समय जयललिता के सबसे भरोसेमंद रहे और तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री बने ओ पनीरसेल्वम ने डीएमके का दामन थाम लिया है। विधानसभा चुनाव से दो महीने पहले यह घटनाक्रम डीएमके को बड़ी ताकत देने वाला है। अन्नाडीएमके से निष्कासित पनीरसेल्वम को वापस एनडीए में लाने के बड़ा प्रयास हो रहे थे। लेकिन ओपीएस के नाम से मशहूर पनीरसेल्वम शुक्रवार को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में डीएमके में शामिल हो गए। पन्नीरसेल्वम पहली बार 2001 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि छह महीने बाद ही उन्होंने इस्तीफा...

  • डीएमके सहयोगियों की हैसियत घटेगी

    कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने डीएमके पर काफी दबाव बनाया था। कांग्रेस के साथ साथ कुछ और पार्टियां चाहती थीं कि डीएमके उनके लिए ज्यादा सीट छोड़े और चुनाव जीतने के बाद सरकार में शामिल करे। ध्यान रहे अभी डीएमके का अकेले बहुमत है और सरकार में किसी दूसरी सहयोगी पार्टी को उसने नहीं शामिल किया है। इस बार भी डीएमके अकेला 175 सीटें लड़ने वाली थी। बाकी सभी एक दर्जन पार्टियों के लिए उसने 59 सीटें छोड़ी थीं। इस बार चुनाव के पहले मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कुछ और पार्टियों को सरकार में शामिल किया है, जिनमें एक कमल...

  • डीएमके से पावर शेयरिंग का विवाद

    तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके ने कांग्रेस और दूसरी सहयोगी पार्टियों के साथ सीट शेयरिंग को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। बता दिया गया है कि 22 फरवरी से इस बारे में बातचीत होगी। हालांकि यह भी कह दिया गया है कि पहले के फॉर्मूले में कोई बदलाव नहीं होगा। यानी कांग्रेस को 25 ही सीटें मिलेंगी। लेकिन अब नए सिरे से कांग्रेस नेताओं ने सत्ता में साझेदारी का राग छेड़ दिया है। इस बार विरूद्धनगर के सांसद मणिकम टैगोर ने मुद्दा उठाया है। ध्यान रहे मणिकम टैगोर को कांग्रेस सुप्रीमो राहुल गांधी का करीबी माना जाता है। राहुल की...

  • सही समय पर विराम

    कांग्रेस की मुश्किल यह है कि समर्थन आधार बढ़ाने की कोई कार्ययोजना उसके पास नहीं है। उसके नेता और कार्यकर्ता राजनीति की धूल-धक्कड़ में नहीं उतरना चाहते। वे नफ़ासत से सियासत करते हैं, जिसका परिणाम जनाधार का सिकुड़ते जाना है। डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने तमिलनाडु में कांग्रेस के साथ सत्ता साझा करने की संभावना से दो टूक इनकार कर इंडिया एलायंस को वैसे विवाद से बचा लेने की कोशिश है, जिसका भारी नुकसान इस समूह को कई राज्यों में उठाना पड़ा। गौरतलब है कि हरियाणा से लेकर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश लेकर बिहार तक- ऐसे विवाद में समान पात्र...

  • कांग्रेस के दबाव में डीएमके करेगी बातचीत

    कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टियों के दबाव में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सीट बंटवारे और चुनाव रणनीति पर सहयोगी पार्टियों के साथ बातचीत का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि 22 फरवरी से बातचीत होगी। इससे पहले डीएमके की ओर से साफ कर दिया गया था कि पहले की तरह चुनाव की घोषणा के बाद ही सीट बंटवारे की बातचीत होगी। यह भी कहा जा रहा था कि जब सीटों की संख्या में कोई फेरबदल नहीं होनी है तो फिर पहले से बातचीत की कोई जरुरत नहीं है। लेकिन कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के साथ साथ वीसीके ने भी...

  • डीएमके अतिरिक्त सीट छोड़ने पर राजी नहीं

    तमिलनाडु में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया लगता है। राहुल गांधी की तमिलनाडु यात्रा के बाद शांति बहाल हो गई है। कांग्रेस के नेताओं ने अलग होकर लड़ने या फिल्म स्टार विजय की नई बनी पार्टी टीवीके से तालमेल की बातें बंद कर दी हैं। कहा जा रहा है कि राहुल गांधी ने साफ संदेश दिया है कि डीएमके से मिल कर ही लड़ना है। दूसरी ओर डीएमके ने साफ कर दिया कि वह पिछली बार के मुकाबले एक भी ज्यादा सीट देने को तैयार नहीं है। पिछली बार डीएमके ने कांग्रेस के लिए 25 विधानसभा सीटें छोड़ी...

  • कांग्रेस को सरकार में नहीं शामिल करेगी डीएमके

    कांग्रेस पार्टी के नेता पता नहीं किस सोच में हर जगह पहले से बने हुए समीकरण और राजनीतिक संरचना को ध्वस्त करना चाहते हैं। बिहार में उसने ऐसा किया, जिसका नुकसान सभी पार्टियों को हुआ। उसके बाद कांग्रेस के नेता उत्तर प्रदेश को लेकर बयानबाजी करने लगे। उधर महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों में गठबंधन टूट ही गया। अब तमिलनाडु में कांग्रेस के नेता हाथ आजमा रहे हैं। कांग्रेस पार्टी का कहना है कि उसे सरकार में शामिल किया जाए। कांग्रेस को सत्ता में हिस्सेदारी चाहिए क्योंकि उसके नेताओं का कहना है कि कांग्रेस का भी अपना घोषणापत्र है और...

  • डीएमके को बिहारी मतदाताओं से परेशानी

    तमिलनाडु में बिहार के मजदूरों के उत्पीड़न और हिंदी विरोध की खबरें आती रहती हैं। लेकिन अब एक नई समस्या खड़ी हो गई है। राज्य में सत्तारूढ़ डीएमके और उसकी सहयोगी वीसीके जैसी प्रादेशिक पार्टियां इस बात से परेशान हैं कि तमिलनाडु के अलग अलग हिस्सों  में बड़ी संख्या में बिहारी या उत्तर भारत के दूसरे राज्यों के मजदूर मतदाता बन रहे हैं। उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा रहा है। एक अनुमान के मुताबिक तमिलनाडु में करीब साढ़े छह लाख बिहारी मतदाता शामिल हो गए हैं। अभी मतदाता सूची में नए नाम शामिल करने की प्रक्रिया जारी...

  • डीएमके ने सहयोगियों को सीट नहीं दी

    तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके ने अपने कोटे की राज्यसभा सीटों में से एक सीट तमिल फिल्मों के सुपर सितारे कमल हसन को देने का ऐलान किया है। गौरतलब है कि राज्य में छह सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, जिनमें से चार सीटें डीएमके के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ सेकुलर प्रोग्रेसिव अलायंस के खाते में जाएंगी। इनमें से तीन सीटें डीएमके ने खुद रखी हैं और एक सीट कमल हसन को दी है, जिन्होंने कुछ समय पहले ही ही मक्कल निधि मैईम यानी एमएनएम नाम से पार्टी बनाई है। उनका विधानसभा में एक भी विधायक नहीं है। डीएमके ने अपने तीन...

  • डीएमके नेता सात राज्यों में विपक्ष से मिलेंगे

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को लग रहा है कि परिसीमन और त्रिभाषा फॉर्मूले का रूप में उनको चुनाव जीतने का महामंत्र मिल गया है। इसलिए उन्होंने इन दोनों मुद्दों पर पूरा ध्यान केंद्रित किया है। एक तरफ प्रदेश में उनके नेता इस मुद्दे को किसी न किसी तरह उठा रहे हैं तो दूसरी ओर दिल्ली में संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में उनकी पार्टी के सांसद रोज इस पर प्रदर्शन कर रहे हैं। विपक्षी पार्टियों का साथ भी उनको मिल रहा है। अब खबर है कि स्टालिन की पार्टी के नेता सात राज्यों के दौरे पर जाएंगे।...

और लोड करें