चेन्नई। तमिलनाडु की राजनीति में बहुत बड़ा घटनाक्रम हुआ है। एक समय जयललिता के सबसे भरोसेमंद रहे और तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री बने ओ पनीरसेल्वम ने डीएमके का दामन थाम लिया है। विधानसभा चुनाव से दो महीने पहले यह घटनाक्रम डीएमके को बड़ी ताकत देने वाला है। अन्नाडीएमके से निष्कासित पनीरसेल्वम को वापस एनडीए में लाने के बड़ा प्रयास हो रहे थे। लेकिन ओपीएस के नाम से मशहूर पनीरसेल्वम शुक्रवार को मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में डीएमके में शामिल हो गए।
पन्नीरसेल्वम पहली बार 2001 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि छह महीने बाद ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 2014 और 2017 में वे थोड़े थोड़े दिनों के लिए सीएम बने थे। बहरहाल, डीएमके में शामिल होने के बाद पन्नीरसेल्वम ने कहा, ‘पार्टी में शामिल करने के लिए डीएमके नेता का धन्यवाद। डीएमके नेता स्टालिन अच्छे से पार्टी चला रहे हैं। मुख्यमंत्री स्टालिन ने सुशासन दिया है और राज्य इसे देख रहा है’। उन्होंने अन्नाडीएमके नेता ई पलानीस्वामी पर तानाशाही का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने ओपीएस का पार्टी में स्वागत करते हुए उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया में शेयर की और लिखा, ‘तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रिय भाई श्री ओ पन्नीरसेल्वम द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (डीएमके) में शामिल हो गए हैं। मैं उनका हार्दिक स्वागत करता हूं। द्रविड़ आंदोलन के महान नेता के नाम से जाने जाने वाले ये नेता द्रविड़ आंदोलन की विचारधारा की रक्षा के लिए हमारे महान आंदोलन में शामिल हुए हैं’।
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