नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष यानी 2025-26 में विकास दर लगातार बेहतर बनी हुई है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक तीसरी तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की विकास दर 7.8 फीसदी रही। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 27 फरवरी को यह आंकड़ा जारी किया। साथ ही सरकार ने पूरे वित्त वर्ष के लिए विकास दर का अनुमान बढ़ा कर 7.6 फीसदी कर दिया है। पिछले साल विकास दर 7.1 फीसदी रही थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगाए गए टैरिफ के बावजूद तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर 2025 में भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रदर्शन बेहतर रहा।
बहरहाल, इस बार सरकार ने जीडीपी की गणना का बेस ईयर बदला है। इस बार गणना 2011-12 की बजाय 2022-23 के आधार पर की गई है। इस नई सीरीज के हिसाब से तिमाही में रियल जीडीपी 84.54 लाख करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में 78.41 लाख करोड़ रुपए थी। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की 7.8 फीसदी की विकास दर घरेलू मांग और विनिर्माण सेक्टर में मजबूती को दिखाती है।
इस बार जीडीपी के बेस ईयर में ही बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि कुछ और बदलाव किए गए हैं। आर्थिक अनुमानों को ज्यादा सटीक बनाने के लिए इसमें अब जीएसटी नेटवर्क, ई-वाहन डेटाबेस और घरों में काम करने वाले कुक, ड्राइवर और घरेलू नौकरों की सेवाओं से जुड़ा डेटा भी शामिल किया गया है।


