न झूठ हटेगा, न अंधेरा छंटेगा
मध्यप्रदेश के सबसे बड़े हिंदी अखबार की रिपोर्ट है कि इंदौर में दूषित पानी पीने से 20 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से सरकार की ओर से 18 परिवारों को दो-दो लाख रुपए का मुआवजा दिया गया है, जबकि सरकार ने अदालत में कहा है कि चार मौतें हुई हैं। अधिकारी छह मौतों की बात कर रहे हैं। कौन सा आंकड़ा सही है? कितने लोग असल में मरे? घटना इंदौर की है जो वर्षों से देश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड जीत रहा है और घटना इंदौर के भागीरथपुरा की है, जहां के पार्षद को सर्वश्रेष्ठ पार्षद का...