अनिश्चय के काले बादल
आरबीआई ने राजकोष की मदद के लिए पहले से अधिक उत्साह दिखाया है। वार्षिक लाभांश के अपने पास रखे जाने वाले हिस्से में कटौती करते हुए उसने केंद्र को रिकॉर्ड 2,86,588 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक ने आगाह किया है कि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण विश्व अर्थव्यवस्था पर अनिश्चितता के बादल छाये हुए हैं, लेकिन बैंक का दावा है कि भू-राजनीतिक एवं व्यापार संबंधी प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपनी आंतरिक शक्ति का प्रदर्शन किया है। आरबीआई की अर्थव्यवस्था की मासिक समीक्षा रिपोर्ट में जाहिर हुई ये समझ चाहे जो हो, परंतु यह...