‘मुफ्त की रेवड़ी’ का बंटना बंद होगा!
लोक कल्याण या एफर्मेटिव एक्शन से जुड़े हर कानून में या हर नीतिगत फैसले में एक ‘एक्जिट क्लॉज’ या ‘सनसेट क्लॉज’ होता है। यह इसलिए जरूरी होता है ताकि जब कानून का उद्देश्य पूरा हो जाए तो उसे समाप्त किया जा सके। हालांकि भारत में ऐसा होता नहीं है। संविधान बनाने वालों ने आरक्षण को 10 साल और अंग्रेजी को 15 साल तक कामकाज की भाषा रखने का कानून बनाया था। लेकिन आजादी के 77 साल बाद तक दोनों चीजें बनी हुई हैं। आजादी के 77 साल बाद आरक्षण की व्यवस्था न सिर्फ जस की तस चल रही है, बल्कि...