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  • दिल्ली पुलिस के मुताबिक ‘जेन जी’ रीलबाज है!

    पिछले दिनों दिल्ली पुलिस ने अपने अधिकारियों और जवानों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी प्रदर्शनकारियों से और खास कर युवा व छात्र प्रदर्शनकारियों यानी ‘जेन जी’ से निपटने के लिए तैयार की गई है। इसमें कहा गया है कि दिल्ली पुलिस के जवानों को अपवने चेहरे पर गुस्सा और आक्रामकता नहीं लानी है क्योंकि यह युवाओं और छात्रों के लिए खाद पानी की तरह है। कहा जा रहा है कि केंद्रीय एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस के लिए यह एडवाइजरी तैयार की है। इसे देख कर ऐसा लग रहा है, जैसे केंद्रीय एजेंसियों ने प्रदर्शनकारियों को छात्र...

  • ‘जेन जी’ के नौ करोड़ बच्चों की दुखद कहानी

    अभिजीत दीपके या ‘जेन जी’ यानी 15 से 29 साल की उम्र का कोई युवा यह कहानी नहीं सुना रहा है। यह कहानी खुद भारत सरकार ने सुनाई है। बड़ी दुखद कहानी है। नीति आयोग ने ताजा सर्वेक्षण करा कर एक दस्तावेज तैयार कराया है, जिसमें बताया गया है कि 15 से 29 साल के युवाओं में करीब नौ करोड़ ऐसे हैं, जो कुछ नहीं कर रहे हैं। ध्यान रहे परिभाषा के मुताबिक 1997 से लेकर 2012 के बीच जन्म लेने वालों को ‘जेन जी’ कहा जाता है। इस लिहाज से यह आबादी इसी पीढ़ी की है, जो कुछ नहीं...

  • ‘जेन जी’ के पक्ष में उतरे भागवत

    मुंबई। जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर हुई पुलिस की कार्रवाई पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने मल्हम लगाया है। उन्होंने कहा कि संविधान ने सबको प्रदर्शन और आंदोलन करने का अधिकार दिया है। भागवत ने कहा कि ‘जेन जी’ के छात्रों और युवाओं ने प्रदर्शन किया, इस वजह से उनको देश विरोधी नहीं कहा जा सकता है। वे यहां तक कह गए कि’ जेन जी’ और उसके बाद वाली ‘जेन अल्फा’, अपने से पहले वाली पीढ़ी से ज्यादा देशभक्त और ईमानदार है। मोहन भागवत ने यह भी कहा कि नई पीढ़ी की बात सुनी...

  • क्या जेन-ज़ेड शांत मन से नहीं सोचती?

    हाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने एक महत्वपूर्ण बात कही। जिस दिन दोपहर में धर्मेद्र प्रधान को इस्तीफा हुआ उसकी सुबह हैदराबाद में ‘समकालीन मातृत्व’ के एक कार्यक्रम में कहा, “समाज में जो बदलाव देखना चाहते हैं, उसकी शुरुआत स्वयं से कीजिए। सोशल मीडिया पर कम समय बिताइए। मोबाइल अनुशासन अपनाइए।” फिर उन्होंने जेन-ज़ेड पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पीढ़ी “स्वभाव से भावुक है और बहुत शांत मन से नहीं सोचती।” पहली बात से असहमत होना कठिन है। मोबाइल अनुशासन आज सचमुच समय की आवश्यकता है। क्योंकि पिछले बारह वर्षों में भारत ने केवल...

  • जेन जी बनाम असली जेन जी

    जेनरेशन जी यानी ऐसी पीढ़ी, जिसका जन्म 1997 से 2012 के बीच हुआ हो यानी ऐसे किशोर व युवा जिनकी उम्र इस समय 14 से 29 साल की है। नेपाल में इस पीढ़ी ने केपी शर्मा ओली सरकार का तख्तापलट किया था और उसके बाद हुए चुनाव में बालेन शाह प्रधानमंत्री बने थे। उसके बाद से भारत में भी बात बात में जेन जी की चर्चा होने लगती है। राहुल गांधी को उम्मीद है कि इस देश का जेन जी मौजूदा सरकार को सबक सिखाएगा। हाल के दिनों में जितनी परीक्षाओं में पेपर लीक हुए हैं या उत्तर पुस्तिकाएं जांचने...

  • कांग्रेस को ‘जेन जी’ ने हरवा दिया

    राहुल गांधी ने अपने एजेंडे को लेकर आखिरी दांव चला है। उन्होंने अब कहा है कि ‘जेन जी’ यानी 13 से 28 साल की उम्र के युवा संविधान बचाएंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी रोकेंगे। उन्होंने इस बात पर बहुत जोर दिया। राहुल ने 18 सितंबर की अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बार बार कहा कि युवा जान जाएंगे कि वोट चोरी हो रही है तो वे बरदाश्त नहीं करेंगे। साफ दिख रहा था कि वे युवाओं को गुस्सा दिलाना चाहते थे। लेकिन मुश्किल यह है कि देश की राजनीति में विचारधारा और उससे भी ज्यादा धर्म के आधार...

  • जेन-जी का दीवाल पर दो टूक मैसेज- बेवकूफ बनाना बंद करो!

    भारत के लिए नेपाल का घटनाक्रम बहुत बड़ा खतरा है। किसी और देश श्रीलंका, बांग्लादेश के साथ हमारी उतनी समानता नहीं है जितनी नेपाल के साथ। सब की यही दुआ प्रार्थना है कि हमारे यहां ऐसा हिंसक आन्दोलन कभी न हो। भारत के लोकतंत्र ने हमेशा इस तरह की आशंका को फेल किया है। मगर वह तब था जब लोकतंत्र वास्तविक अर्थों में था। चुनाव के जरिए परिवर्तन हो सकता था। होता था। लेकिन अब चुनाव की विश्वसनीयता पर ही सवाल खड़ा हो गया है।... अभी तीन पूर्व चुनाव आयुक्तों ने कहा कि चुनाव आयोग संदेह के घेरे में है।...

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