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  • जदयू का विरोध कहां तक जाएगा?

    यह बड़ा सवाल है कि बिहार सरकार में शामिल और लगभग बराबर की भूमिका निभा रही जनता दल यू अगर अपनी ही सरकार के फैसलों का विरोध जारी रखती है तो वह इसे लेकर कहां तक जा सकती है? जदयू ने शिक्षा में हो रहे बदलावों से जुड़े दो फैसलों का विरोध किया है। पहला फैसला तो डिग्री कॉलेज और पीजी कॉलेज अलग करने और डिग्री कॉलेजों को सीधे सरकार के शिक्षा विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव का है। इसका विरोध तो भाजपा के भी कुछ विधायकों और अन्य नेताओं ने किया है। पटना से लेकर दिल्ली तक अलग...

  • भाजपा-जदयू में दबाव की राजनीति चलती रहेगी

    बिहार में नई सरकार का गठन हो गया है। मुख्यमंत्री और दो उप मुख्यमंत्रियों की शपथ के 22 दिन बाद बाकी मंत्रियों की शपथ हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित पार्टी के सभी बड़े नेताओं की मौजूदगी में शपथ समारोह हुआ। भाजपा और जदयू के साथ साथ बाकी सहयोगी पार्टियों के प्रति भी पूरा सद्भाव दिखाया गया। तीनों छोटी पार्टियों को भी उनकी संख्या के हिसाब से मंत्री पद दिए गए। जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटों को मंत्री बनवाया। चिराग पासवान के भी दो मंत्री बने। लेकिन असली कहानी भाजपा...

  • बिहार में सरकारी डॉक्टर नहीं कर सकेंगे निजी प्रैक्टिस

    नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पद छोड़ने जा रहे हैं। वे राज्यसभा के सांसद बन गए हैं और मंगलवार, 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। लेकिन उससे पहले उनकी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। बिहार सरकार ने आदेश जारी किया है कि राज्य में अब सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। आदेश में कहा गया है कि यदि कोई सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस करता हुआ मिला तो उसपर नियमानुसार कार्रवाई होगी। सरकार की ओर इसका प्रस्ताव पहले से तैयार किया गया था। शनिवार, 11 अप्रैल को बिहार सरकार के स्वास्थ्य सचिव लोकेश कुमार सिंह...

  • पर्ची से नहीं निकलेगा बिहार के सीएम का नाम

    बिहार में सत्ता का हस्तांतरण उतना आसान नहीं दिख रहा है, जितना भारतीय जनता पार्टी समझ रही थी। एक बार नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ने पर राजी हो गए तो सारी बारगेनिंग पावर उनके हाथ में आ गई है। इससे पहले खुद मुख्यमंत्री बने रहने के लिए वे कई तरह के समझौते करते थे। लेकिन जब उनको मुख्यमंत्री नहीं रहना है तो वे भाजपा के साथ ज्यादा मजबूती से मोलभाव करने की स्थिति में हैं। उनकी पार्टी इस वास्तविकता को समझ रही है और उस हिसाब से पोजिशनिंग की जा रही है। नीतीश कुमार की पार्टी सत्ता हस्तांतरण की टाइमिंग...

  • यादव सांसद पर जदयू ने लटकाई तलवार

    बिहार में भाजपा और जनता दल यू दोनों ने विधानसभा चुनाव में खुल कर गैर यादव पिछड़ी जातियों की राजनीति की। दोनों पार्टियों के बड़े यादव नेताओं की टिकट कटी। नंदकिशोर यादव और रामसूरत राय जैसे नेताओं को टिकट नहीं दी गई। माना गया कि यादव बिहार के नवसामंत हैं और उनके खिलाफ वोटों की गोलबंदी आसान होती है। अब एक यादव सांसद गिरधारी यादव पर जनता दल यू ने तलवार लटकाई है। नीतीश कुमार की पार्टी ने लोकसभा स्पीकर को लिखा है कि गिरधारी यादव ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लिया है इसलिए उनकी सदस्यता रद्द की जाए।...

  • जनता दल यू की दबाव की राजनीति

    पटना में इन दिनों खूब राजनीति चल रही है और राजनीतिक गपशप भी खूब हो रही है। सत्ता हस्तांतरण होना है। नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए चुन लिए गए हैं और फिर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन रहे हैं। वे विधान परिषद की सदस्यता से कब इस्तीफा देंगे और मुख्यमंत्री पद कब छोड़ेंगे इसे लेकर भी अटकलें हैं। और इन सबके बीच दबाव की राजनीति भी खूब हो रही है। जनता दल यू के सभी नेता नीतीश कुमार के बेटे निशांत को राजवीति के लिए तैयार करने में लगे हैं। नीतीश अब बहुत कुछ समझने की मानसिक अवस्था में...

  • जदयू के विधायकों का दावा, ‘निशांत कुमार को बिहार का अगला सीएम बनाएंगे’

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने जब से जदयू की सदस्यता ग्रहण की है, तब से ही राजनीति के गलियारों में यह बहस छिड़ गई है कि क्या नीतीश कुमार के बाद निशांत कुमार प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। हालांकि, कभी भी सीएम बनने को लेकर निशांत कुमार ने कुछ नहीं कहा। मीडिया के सवालों से भी बचते नजर आए। लेकिन, अब जदयू की ओर से निशांत कुमार को प्रदेश का अगला सीएम बनाने की वकालत तेज हो गई है। हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले ने प्रदेश के...

  • विद्रूपता सबको मंजूर?

    भारत भर में व्यापक रूप से फैले वंशवाद को लेकर आज कहीं विरोध भाव नजर नहीं आता। तो क्या राजनीति के कुछ परिवारों में सिमटने और लोकतंत्र के कुलीनतंत्र में तब्दील होने की विद्रूपता को सबने स्वीकार कर लिया है?  अब तक राजनीति से दूर और कुछ समय पहले तक गुमनाम-सी जिंदगी जीने वाले निशांत कुमार जनता दल (यू) में शामिल हुए, तो पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने करतल ध्वनि की। खबर है कि नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बनने वाली नई सरकार में निशांत उप-मुख्यमंत्री बनेंगे। वैसे, उनकी पार्टी के नेता तो उन्हें सीधे मुख्यमंत्री बनाने की...

  • नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों पर फूटा जदयू कार्यकर्ताओं का गुस्सा

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों के बाद जदयू पार्टी के कार्यकर्ताओं में आक्रोश देखने को मिला है। गुरुवार को पटना में बड़ी संख्या में जदयू कार्यकर्ता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सरकारी आवास के बाहर इकट्ठा हुए और उनके समर्थन में नारे लगाए।  समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में जदयू के कार्यकर्ताओं ने नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का विरोध किया है। एक कार्यकर्ता ने कहा हम निश्चित रुप से आक्रोशित हैं। हमने नीतीश कुमार के नाम पर हर गांव में वोट मांगा। लेकिन बुधवार को आई खबरों के बाद किसी ने होली नहीं मनाई है।...

  • भाजपा, जदयू में शह मात का खेल

    बिहार में भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यू के बीच शह मात का खेल चल रहा है। भाजपा इंतजार में बैठी है कि नीतीश कुमार सेहत के हवाले रिटायर हों तो भाजपा का सीएम बने और दूसरी ओर नीतीश कुमार कड़ाके की ठंड में समृद्धि यात्रा पर निकल गए। वे पूरे प्रदेश की यात्रा करेंगे। भाजपा का इंतजार लंबा होता जा रहा है। इस बीच जनता दल यू के नेताओं ने अपने विधायकों की संख्या बढ़ा कर सबसे बड़ी पार्टी बनने का दांव खेलने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि भाजपा नेता इस गेम से परिचित हैं इसलिए...

  • जदयू और बीजद का सौ साल का वादा

    एक समय सत्ता में रही या बड़ी पार्टी रही प्रादेशिक पार्टियों में बहुजन समाज पार्टी की स्थिति सबसे खराब है। उसके पास लोकसभा में एक भी सांसद नहीं है और उत्तर प्रदेश विधानसभा में सिर्फ एक विधायक हैं। राज्यसभा में भी सिर्फ एक सदस्य हैं, जो अप्रैल में रिटायर हो जाएंगे। माना जा रहा है कि कई पार्टियां ऐसी हैं, जिनकी आने वाले दिनों में यह गति हो सकती है। ऐसी पार्टियों में बीजू जनता दल और जनता दल यू का नाम सबसे प्रमुखता से लिया जा रहा है और इसका कारण यह है कि इन दोनों पार्टियों के शीर्ष...

  • जदयू ने भाजपा की लाइन नहीं पकड़ी

    संसद में वंदे मातरम पर हुई चर्चा में भाजपा के साथ साथ उसकी लगभग सभी सहयोगी पार्टियों ने उसके हिसाब से भाषण दिया। सांसदों की संख्या के लिहाज से तीन सबसे बड़ी सहयोगी पार्टियों में से तेलुगू देशम पार्टी और लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास ने भी भाजपा के हिसाब से भाषण दिया लेकिन जनता दल यू ने अलग लाइन ली। जदयू ने यह नहीं कहा कि कांग्रेस पार्टी ने वंदे मातरम के चार अंतरे हटाए और उसने जिन्ना या मुस्लिम लीग के आगे सरेंडर किया। भाजपा की कोशिश इसी राजनीतिक लाइन को स्थापित करने की थी। जनता दल यू की...

  • भाजपा-जदयू में बड़ा बनने की होड़

    यह कमाल की बात है, जिसे बिहार के सत्तारूढ़ गठबंधन की दोनों बड़ी पार्टियां यानी भाजपा और जदयू के नेता स्वीकार नहीं कर रहे हैं लेकिन यह हकीकत है कि दोनों में बड़ा बनने की होड़ है, जो पहले दिन से शुरू हो गई है। विधायकों की संख्या के लिहाज से भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है। उसे जदयू से चार सीटें ज्यादा मिली हैं। इस आंकड़े के आधार पर चुनाव के बाद से यह खबर खूब चली कि भाजपा अपना मुख्यमंत्री बनाएगी। इसके बाद यह भी अफवाह यहां वहां फैलाई गई कि भाजपा और जनता दल यू में ढाई-ढाई साल...

  • कोई अनहोनी तो नहीं हुई बिहार में

    अब भविष्य सिर्फ उन शक्तियों का है, जो राजनीति की नई समझ और परिभाषा अपना सकें। जो राजनीति की ऐसी समझ अपना सकें, जिसमें चुनाव लड़ना ही एकमात्र गतिविधि ना हो। जिसमें उद्देश्य आधारित संगठन, संघर्ष, और रचनात्मक कार्यक्रम समान रूप से महत्त्वपूर्ण हों। दरअसल, ऐसी राजनीति जो करेगा, दीर्घकाल में उसके लिए ऐसा जन समर्थन अपने-आप तैयार होगा, जिससे उसे चुनावी सफलता मिले।  किसी राज्य में चुनाव हो, तो इस दौर में वहां मंच सज्जा में कई समान पहलू मौजूद रहते हैं और ऐसा बिहार में भी था। बाकी बातें स्थानीय समीकरणों और परिस्थितियों से तय होती हैं, हालांकि...

  • कितने डिप्टी सीएम होंगे सरकार में?

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार होंगे। भले जनता दल यू की सीटों की संख्या भाजपा से कम है या भाजपा ने उनको मुख्यमंत्री पद का दावेदार घोषित नहीं किया था। लेकिन मुख्यमंत्री वे ही बनेंगे। उस पर कोई सवाल नहीं है। लेकिन सवाल यह है कि उप मुख्यमंत्री कौन होगा और कितने होंगे? भाजपा की ओर से सम्राट चौधरी का नाम तय बताया जा रहा है। वे उप मुख्यमंत्री के रूप में बेहद प्रभावी रहे और नीतीश कुमार के साथ मिल कर बनाया गया जातीय समीकरण साधने में भी उनकी बड़ी भूमिका रहे। दूसरे, लालू प्रसाद के परिवार से लड़ने के लिए...

  • ‘टाइगर अभी जिंदा है’, बिहार में मतगणना से पहले जदयू कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर

    बिहार विधानसभा चुनाव में मंगलवार को अंतिम चरण के मतदान के बाद सभी लोगों की नजर 14 नवंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी है। इससे पहले तमाम एजेंसियों के जारी एग्जिट पोल में फिर से एनडीए सरकार आने की संभावना जताई गई है। एग्जिट पोल में फिर से एनडीए की सरकार बनने की संभावना को लेकर एनडीए के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह है। अधिकांश एग्जिट पोल में एक बार फिर जदयू के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने की संभावना व्यक्त की गई है। इससे जदयू नेताओं में खास उत्साह देखा जा रहा है। इस बीच, पटना...

  • बिहार में कहानी उसी की जो ट्रेंड करना जानता है!

    बिहार को मैं दूर से देख रही हूँ! कुछ वैसे ही जैसे एक ही सूरज ढलते हुए हर बार कुछ अलग लगता है, फिर भी हर बार वैसा ही। रिपोर्टरों की रिपोर्टों से, विश्लेषणों से और बिहार की नब्ज़ पकड़ने का दावा करने वाले सर्वेक्षणों की गणित में लोग अनुमानों, प्रतिशतों में चाहे जितने बंटे है उन सबके बीच भी इस बार वह जीवंतता नहीं दिख रही जो संभवतया बिहार के मिजाज से है। मेरा मानना है कि बिहार एक एक ऐसा राज्य है जो सिनेमा-सा जीवंत है।  चेहरों, बातों, किस्सों और ख्वाबों से हर तरह भरा हुआ। बिहार, जो...

  • बिहार क्या चुनेगा, झूठे वादे या सचाई का संकल्प!

    बिहार के लोगों के लिए अगले पांच साल और उससे भी आगे का भविष्य चुनने का समय आ गया है। चार दिन बाद गुरुवार, छह नवंबर को पहले चरण की 121 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी। उससे पहले मुख्य मुकाबले वाले दोनों गठबंधनों का घोषणापत्र सामने आ गया है। एक तरफ है एक व्यक्ति का ‘तेजस्वी प्रण’, जिसे गठबंधन की दूसरी पार्टियों का ही पूरा समर्थन नहीं मिल रहा है तो दूसरी ओर सामूहिक संकल्प है, जिसके पीछे देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की दूरदृष्टि और विशाल अनुभव का बल...

  • बिहार में जुमलों की बौछार

    चुनाव के समय वैसे भी जुमले ज्यादा बोले जाते हैं लेकिन उसमें भी बिहार का चुनाव अनोखा हो गया है। पक्ष और विपक्ष दोनों की तरफ से ऐसे ऐसे जुमले बोले जा रहे हैं कि जनता आवाक है। अब तक नरेंद्र मोदी को माना जाता था कि वे ऐसी बात कह सकते हैं, जिसके बारे में किसी ने सोचा नहीं होगा। लेकिन इस बार तेजस्वी यादव और राहुल गांधी ने उनको पीछे छोड़ा है। नरेंद्र मोदी और अमित शाह इस उधेड़बुन में हैं कि कैसे तेजस्वी और राहुल के जुमलों का जवाब दिया जाए। इस बार के चुनाव में सबसे...

  • बुनियादी रूप से कुछ नहीं बदला

    इस बार ऐसा लग रहा था बिहार में चुनाव वास्तविक मुद्दों पर लड़ा जाएगा। विकास से जुड़े बुनियादी सवाल उठेंगे क्योंकि प्रशांत किशोर ने दो साल की पदयात्रा से लोगों को जागृत किया था। लोगों को ललकारा था कि वे अपने बच्चों के चेहरे देख कर वोट करें। प्रशांत ने मुस्लिम बस्तियों में जाकर उनको ललकारा कि वे भाजपा के भय से राजद और कांग्रेस का बंधुआ बने रहेंगे तो उसी दुर्दशा की हालत में रहेंगे, जिसमें अभी हैं। यादवों को भी ललकारा कि वे कब तक जाति के नाम पर लालू परिवार की गुलामी करेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन, रोजगार...

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