2026 में ढोल ही ढोल!
साल 2026 की उम्मीदों में दुनिया के दूसरे देशों में जैसा सोचा जा रहा है वैसे हमें न सोचना चाहिए, न लिखना चाहिए। आखिर हमारी अलग ही हस्ती है। सो, व्यर्थ है यह सवाल कि छब्बीस में भारत की सेहत, सांस क्या बेहतर होगी? इतना जरूर है कि मौजूदा मोदी राज जिन चार पायों पर टिका है वे और मजबूत होंगे। मतलब मोदी राज में- भीड़, ढोल, रेवड़ी तथा आंकड़ों में विकासमान उछाला गारंटीशुदा है। 2026 के अंत में भीड़ का आकार बढ़ा हुआ होगा। भीड़ को रेवड़ियों से नचाने के नए कार्यक्रम बने हुए होंगे। आंकड़े और हवा-हवाई बने...