punjab politics

  • पंजाब में अचानक बढ़े प्रदर्शन

    पंजाब में अगले साल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के साथ ही विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। दो अन्य राज्यों गोवा और मणिपुर में भी साथ ही चुनाव होंगे। इन चुनावों से पहले कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी का प्रदर्शन और देश भर में छात्रों व युवाओं की नाराजगी दिखी है। यह भाजपा के लिए चिंता की बात है। पंजाब में भी पेपर लीक के आरोप लग रहे हैं और पिछले दिनों भाजपा ने वहां प्रदर्शन करके आम आदमी पार्टी की सरकार को भी कठघरे में लाने का प्रयास किया। झारखंड में पेपरलीक को लेकर अलग आंदोलन चल रहा है,...

  • पंजाब में चन्नी क्या एक प्लेयर होंगे?

    यह लाख टके का सवाल है, जिसका जवाब कांग्रेस नेता यह दे रहे हैं कि अब समय नहीं है और अभी अगर चन्नी अलग पार्टी बनाते हैं तो कामयाबी नहीं मिलेगी। लेकिन चन्नी निश्चित रूप से पंजाब की राजनीति में एक प्लेयर होंगे। इसका कारण यह है कि पहली बार पंजाब का राजनीतिक स्पेस इतना विभाजित दिख रहा है। पहली बार पांचकोणीय मुकाबले के आसार बन रहे हैं। ऐसे विभाजित राजनीतिक स्पेस में अगर कोई नई पार्टी आती है, जिसके पास एक ठीक ठाक वोट आधार हो तो वह अपनी जगह बना सकती है। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी...

  • पंजाब में कांग्रेस का संतुलन का प्रयास

    कांग्रेस पार्टी ने पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले एक संतुलन बनाने का प्रयास किया है। आलाकमान की ओर से भेजे गए अजय माकन ने कुछ दिन पहले अपनी रिपोर्ट दी थी। उस रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस ने एक फॉर्मूला तैयार किया है, जिसमें जाट सिख और दलित का संतुलन बनाया गया है। हिंदू वोट के लिए कांग्रेस क्या करेगी यह देखने वाली बात होगी। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य के प्रभारी हैं। बहरहाल, कांग्रेस ने तय किया है कि चुनाव से ठीक पहले प्रदेश अध्यक्ष बदलना ठीक नहीं होगा। इसलिए अमरिंदर सिंह वारिंग को अध्यक्ष बनाए...

  • पंजाब में कलह से परेशान कांग्रेस

    पंजाब में अगले साल मार्च में विधानसभा चुनाव होने वाला है। उससे पहले स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। उसके बाद पार्टी के अंदर घमासान बढ़ गया है। पिछले दिनों पार्टी नेताओं की पंजाब को लेकर बैठक हुई तो विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा बैठक के बीच में ही निकल कर चले गए। वैठक में नेता साफ साफ खेमों में बंटे हुए दिखे। प्रदेश अध्यक्ष राजा अमरिंदर सिंह वारिंग के अलावा सुखजिंदर सिंह रंधावा के खेमे अलग हैं तो पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अलग राजनीति चल रही है। स्थानीय निकाय चुनावों के...

  • मान सरकार की साख बिगाड़ने का प्रयास

    पंजाब में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों को तोड़ने के बाद अब राज्य की भगवंत मान सरकार की साख बिगाड़ने का अभियान शुरू हो गया है। यह अभियान इतना व्यवस्थित है कि माना ही नहीं जा सकता है कि अपने आप या अचानक शुरू हुआ। ध्यान रहे पहले आम आदमी पार्टी और उसकी पंजाब सरकार को खालिस्तानी कट्टरपंथी ताकतों के समर्थन वाली बताया जाता था। यह भी प्रचारित हुआ कि देश से बाहर के तमाम कट्टरपंथी संगठनों ने चुनाव में आप की मदद की है। इन बातों के साथ साथ यह भी प्रचार शुरू हुआ कि मुख्यमंत्री भगवंत मान...

  • पंजाब में आगे क्या करेगी भाजपा?

    आम आदमी पार्टी के पंजाब के सात में से छह राज्यसभा सांसद भाजपा के साथ चले गए हैं। इनमें राघव चड्ढा भी हैं, जिनको दिल्ली विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिला कर अरविंद केजरीवाल ने पंजाब भेजा था और वहां से राज्यसभा पहुंचाया था। आम आदमी पार्टी छोड़ने वालों में संदीप पाठक भी हैं, जिन्होंने दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी को बतौर चुनाव रणनीतिकार चुनाव लड़ाया था। वे आप की राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्य थे। इन दो के अलावा बाकी सांसदों का कोई मतलब नहीं है। चाहे हरभजन सिंह हों या अशोक मित्तल या राजेंद्र गुप्ता...

  • दिल्ली और हरियाणा से पंजाब की राजनीति

    राजनीति में कहीं पे निगाहें, कहीं पे निशाना का खेल बहुत चलता है। भाजपा इस खेल में भी माहिर है। वह कहीं से भी कहीं की राजनीति साधने का प्रयास करती है। अभी ऐसा लग रहा है कि पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को दिल्ली और हरियाणा से साधने की कोशिश हो रही है। तभी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जब इस साल का बजट पेश करवे विधानसभा पहुंचे तो उन्होंन दस्तार बांध रखी थी। उन्होंने सिखों के बांधने वाली पगड़ी पहनी हुई थी और उससे पंजाब के सिख व जाट सिखों को एक संदेश दिया।...

  • मोदी से मिलने से बचे मान!

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं। कहा गया कि उनका पल्स रेट कम हो गया था। हो सकता है कि सच में उनकी सेहत ठीक नहीं हो लेकिन कई जानकार नेता उनकी बीमारी को राजनीतिक मान रहे हैं। उन्होंने आठ सितंबर को अस्पताल में ही कैबिनेट की बैठक बुलाई थी। इसके एक दिन बाद नौ सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पंजाब का दौरा करना था। तभी कहा जा रहा है कि वे जान बूझकर ऐसे समय अस्पताल में भर्ती होने गए, जब प्रधानमंत्री का दौरा होना था। इसका मकसद प्रधानमंत्री से...

  • केजरीवाल ने चुप्पी तोड़ी लेकिन अधूरी

    kejriwal punjab : आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने चुप्पी तोड़ी है। दिल्ली विधानसभा का चुनाव हारने के बाद वे खामोश हो गए थे। उसके बाद वे 10 दिन के लिए विपश्यना करने चले गए थे। अब उन्होंने चुप्पी तोड़ी है तो सबसे पहले इस बात का संदेह दूर किया कि वे पंजाब का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं या भगवंत सिंह मान को मुख्यमंत्री पद से हटाया जा सकता है। मान सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर रविवार, 16 मार्च को अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान दोनों एक साथ दरबार...

  • चंडीगढ़ का मामला तूल पकड़ेगा

    पंजाब की पार्टियों ने चंडीगढ़ प्रशासन के सलाहकार का पद खत्म करके उसे मुख्य सचिव के पद में तब्दील करने के केंद्र सरकार के फैसले का विरोध किया है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने भी इसका विरोध किया है। हालांकि कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार के साथ मिल कर यह फैसला किया है। कांग्रेस और अकाली दल ने इस फैसले का सबसे तीखा विरोध किया है। इन पार्टियों ने चंडीगढ़ प्रशासन के सलाहकार का पद खत्म किए जाने को राज्य की अस्मिता से जोड़ा है और आऱोप लगाया है कि इससे चंडीगढ़ पर पंजाब का...

  • अमृतपाल की पार्टी से सबको परेशानी

    punjab politics amritpal: जेल में बंद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह राजनीतिक दल बना रहा है। इस खबर ने प्रदेश की सभी पार्टियों नींद उड़ा रखी है। सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी से लेकर मुख्य विपक्षी कांग्रेस और भाजपा व उसकी पुरानी सहयोगी अकाली दल तक सब परेशान हैं। सबकी परेशानी का कारण यह है कि पंजाब में पिछले कुछ बरसों से पारंपरिक, उदारवादी राजनीति के लिए स्पेस कम हो रहा है और कट्टरपंथी राजनीति के लिए स्पेस बढ़ रहा है। इस राजनीति में पारंपरिक पार्टियां सफल नहीं हो सकती हैं। पिछले 10 साल से अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी इसी...

  • अकाली दल की राजनीति पर असर होगा

    पंजाब में लंबे समय तक राजनीति की धुरी रही शिरोमणी अकाली दल का असर लगातार कम होता जा रहा है। अब श्री अकाल तख्त ने पार्टी के प्रमुख सुखबीर बादल को तनखैया घोषित करने के बाद सजा सुना दी है। उनको स्वर्ण मंदिर सहित कई गुरुद्वारों में दो दो दिन की सेवा करनी है। उनके पैर में फ्रैक्चर है इसलिए मुश्किल सेवा नहीं दी गई है लेकिन उनको हाथ में बरछी लेकर और गले में तख्ती लटका कर गेट पर ड्यूटी देनी है और लंगर में जूठे बर्तन भी धोने हैं। लेकिन इससे बड़ी बात यह है कि श्री अकाल...

  • अकाली दल उपचुनाव नहीं लड़ रहा है

    पंजाब में चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हो रहा है। इस बार अकाली दल ने उपचुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है। कोई तीन दशक से ज्यादा समय बाद ऐसा हुआ है कि अकाली दल उपचुनाव नहीं लड़ रहा है। पार्टी की ओर से आधिकारिक रूप से कहा गया है कि अकाल तख्त ने पार्टी प्रमुख सुखबीर बादल को तनखैया घोषित किया है और राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहने की सजा दी है। इसलिए जब तक वे सजा नहीं भुगत लेते हैं तब तक राजनीति से दूर रहेंगे इसलिए पार्टी भी चुनाव नहीं लड़ेगी। हालांकि पार्टी चुनाव लड़ सकती थी।...

  • मनप्रीत बादल का अगला मुकाम क्या होगा

    पंजाब के दिग्गज नेता दिवंगत प्रकाश सिंह बादल के भतीजे मनप्रीत बादल भटकते भटकते भाजपा में पहुंच गए हैं। प्रकाश सिंह बादल की सरकार में वित्त मंत्री रहे मनप्रीत ने अकाली दल छोड़ कर पंजाब पीपुल्स पार्टी के नाम से अपनी पार्टी बनाई थी। इसमें कोई कामयाबी नहीं मिली तो वे कांग्रेस में शामिल हो गए और 2017 से 2022 तक रही कांग्रेस की कैप्टेन अमरिंदर सिंह सरकार में मंत्री रहे। कांग्रेस हार कर सत्ता से बाहर हुई तो मनप्रीत का वहां से भी मोहभंग हो गया और अब उनका मुकाम भाजपा है। वे पहले ही भाजपा में शामिल हो...

  • पंजाब में कांग्रेस छोड़ने वालों की मुश्किल

    पंजाब में कांग्रेस पार्टी के जिन नेताओं ने पार्टी छोड़ी आज वे सब मुश्किल में या दुविधा में हैं। उनको समझ में नहीं आ रहा है कि क्या करें। यह स्थिति कांग्रेस छोड़ कर भाजपा में गए नेताओं की ज्यादा है। हालांकि ऐसा नहीं है कि आम आदमी पार्टी में जाने वाले नेता सहज हैं। लोकसभा चुनाव से पहले कुछ नेता कांग्रेस छोड़ कर आप में भी गए थे और चुनाव भी लड़े थे लेकिन जीत नहीं सके। उसके बाद से आम आदमी पार्टी में उनकी कोई पूछ नहीं है। कांग्रेस छोड़ कर आप में गए डॉ. राजकुमार छाबेवाल होशियारपुर...

  • अमरिंदर सिंह का परिवार क्या करेगा?

    पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह न घर के रहे और न घाट के। दो बार में करीब साढ़े नौ साल तक मुख्यमंत्री रहने के बाद जब कांग्रेस आलाकमान ने उनको हटाया तो वे बागी हो गए। उन्होंने कांग्रेस छोड़ कर अलग पार्टी बनाई और बाद में उस पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया। फिर लोकसभा चुनाव से पहले उनकी पत्नी परनीत कौर ने भी पार्टी छोड़ दी और भाजपा की टिकट पर पटियाला से चुनाव लड़ा। लेकिन वहां वे बुरी तरह से हारीं। कांग्रेस की टिकट पर 2019 में जीतीं परनीत कौर इस बार तीसरे स्थान पर...

  • पंजाब में नई भाजपा पुरानी कांग्रेस है

    वैसे तो पूरे देश में ही ऐसा हो रहा है कि आम मतदाताओं के लिए उम्मीदवरों की पहचान मुश्किल हो रही है। पिछले चुनाव तक लोगों ने जिसको कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर वोट दिया था वह भाजपा की टिकट से लड़ रहा है। बहुजन समाज पार्टी वाला समाजवादी पार्टी की टिकट से लड़ रहा है। आम आदमी पार्टी वाला कांग्रेस या भाजपा का उम्मीदवार बना हुआ। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा कंफ्यूजन है, जहां अचानक दो नई पार्टियां चुनाव लड़ रही हैं। ऐसा ही एक राज्य पंजाब भी है, जहां मतदाताओं को उम्मीदवार और उसकी पार्टी की पहचान को लेकर...

  • पंजाब में कांग्रेस और आप में दूरी

    राहुल गांधी विपक्षी पार्टियों के नेताओं के साथ मंच साझा कर रहे हैं। मल्लिकार्जुन खड़गे भी विपक्ष के साथ साझा रैली कर रहे हैं। दूसरी ओर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी विपक्षी पार्टियों के साथ मंच साझा कर रहे हैं और दिल्ली में अपनी सहयोगी कांग्रेस के लिए प्रचार भी कर रहे हैं। लेकिन यह बहुत दिलचस्प है कि कांग्रेस के नेता चाहे वह राहुल गांधी हों या मल्लिकार्जुन खड़गे, कोई भी अरविंद केजरीवाल के साथ मंच साझा नहीं कर रहा है। दोनों अलग अलग प्रचार कर रहे हैं। कांग्रेस के एक जानकार नेता का कहना है कि पंजाब...

  • पंजाब में अब चुनाव चारकोणीय हो गया

    पंजाब में ऐसा लग रहा था कि चुनाव त्रिकोणात्मक होगा, जिसमें सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और मुख्य विपक्षी कांग्रेस के मुकाबले अकाली दल और भाजपा का गठबंधन मजबूती से चुनाव लड़ेगा। पिछले दिनों हुए जालंधर के उपचुनाव में देखने को मिला कि चारकोणीय मुकाबले में आम आदमी पार्टी जीती लेकिन तीसरे और चौथे नंबर पर रहे अकाली दल और भाजपा के वोट मिला कर उसके लगभग बराबर हो रहे थे। इन दोनों का साझा वोट कांग्रेस के वोट से छह फीसदी ज्यादा था। इसलिए त्रिकोणात्मक मुकाबला होता तो संभव था कि अकाली दल और भाजपा को फायदा होता। लेकिन चारकोणीय...

  • अकाली दल और भाजपा का फिर तालमेल संभव

    लोकसभा चुनाव से पहले एक बार फिर पंजाब में अकाली दल और भाजपा के बीच तालमेल की संभावना दिख रही है। शिरोमणि अकाली दल की पिछले दिनों कोर कमेटी की एक बैठक हुई, जिसमें भाजपा के साथ तालमेल की जरुरत पर चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि पार्टी के ज्यादातर नेता भी चाहते हैं कि अकाली दल को अकेले लड़ने की बजाय भाजपा से तालमेल करना चाहिए। गौरतलब है कि दोनों पार्टियों के बीच लंबे समय तक तालमेल रहा है और तीन विवादित कृषि कानूनों के मसले पर हरसिमरत कौर बादल ने केंद्र सरकार से इस्तीफा दिया था और...

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