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  • चीनी नेताओं से क्यों मिले भाजपा, आरएसएस के नेता?

    कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों और भाजपा पर किए जा रहे हमलों को छोड़ दें तब भी सवाल है कि आखिर भाजपा के नेता और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के पदाधिकारी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं से क्यों मिले? भारत के दौरे पर आए सीपीसी के प्रतिनिधिमंडल से पहले भाजपा नेताओं की बैठक पार्टी मुख्यालय में हुई, जिसमें भाजपा के महासचिव अरुण सिंह शामिल हुए। इसके बाद संघ के कार्यालय में दत्तात्रेय होसबाले के नेतृत्व में संघ का प्रतिनिधिमंडल उनसे मिला। ऐसे समय में जब चीन के साथ भारत के संबंध बहुत अच्छे नहीं हैं, इस मुलाकात...

  • संघ और भाजपा में क्या है संबंध?

    सभी  बातों की बारीकियों को समझे बगैर न तो आरएसएस को समझा जा सकता है, न भारतीय जनता पार्टी को समझा जा सकता है और न दोनों संगठनों के संबंधों को समझा जा सकता है। बहुत अच्छा संयोग है जो संघ प्रमुख ने भी अपने व्याख्यानों से भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया है तो संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने भी समस्त भ्रांतियों को दूर किया है। आशा है कि इससे आरएसएस और भाजपा को समझने की दृष्टि स्पष्ट होगी। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी आरएसएस की स्थापना के एक सौ वर्ष पूरे हुए हैं। यह अवसर इस सांस्कृतिक और...

  • दिग्विजय ने भाजपा, आरएसएस की तारीफ की

    नई दिल्ली। कांग्रेस ने शनिवार को कार्य समिति यानी सीडब्लुसी की बैठक की और नए रोजगार गारंटी कानून के विरोध का ऐलान किया लेकिन मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की तारीफ करके कांग्रेस के बनाए माहौल पर पानी फेर दिया। राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पुरानी फोटो साझा की है और भाजपा व संघ की तारीफ करते हुए कहा है कि वहां नीचे बैठने वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है। दिग्विजय सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा...

  • भाजपा के चश्मे से संघ को न देखें

    कोलकाता। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि संघ को भाजपा के चश्मे से नहीं देखना चाहिए। संघ के एक सौ साल पूरे होने के मौके पर आयोजिकत संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘संघ को बीजेपी के लेंस से देखने की कोशिश न करें। संघ सिर्फ एक सर्विस ऑर्गनाइजेशन नहीं है। संघ को समझना है तो संघ को ही देखना पड़ता है’। भागवत ने कहा, ‘बहुत से लोगों की प्रवृत्ति रहती है कि संघ को बीजेपी के चश्मे से समझना। यह बहुत बड़ी गलती होगी। संघ को देखकर नहीं समझ सकते, उसे अनुभव करना पड़ेगा’।...

  • खिलखिलाना तो चाहिए!

    कईयों ने मुझसे पूछा आपने अमित शाह को खिलखिलाते देखा? पर मैं क्योंकि टीवी देखता नहीं हूं तो मैंने कल्पना कर सोचा और माना कि अमित शाह का बम-बम होना या खिलखिलाना गलत नहीं है! मोहन भागवत एंड पार्टी अड़ी हुई थी। अध्यक्ष के लिए हमें नाम बताओ, तीन विकल्प दो। मतलब संगठन पुराने कायदे से चले। वाजपेयी, आडवाणी, गडकरी, राजनाथ सिंह के समय जो तरीका था, उसी अनुसार फैसला होगा। इसी चक्कर में मोदी-शाह ने जेपी नड्डा का कार्यकाल बढ़ाते हुए फैसला अटकाए रखा। निश्चित ही मोहन भागवत, संघ की आला टोली का रूख था कि सरकार जैसे चलाना...

  • अजित पवार की आरएसएस से दूरी

    एनसीपी के नेता और महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार स्वतंत्र राजनीति करते हैं। वे भाजपा के साथ तालमेल में हैं लेकिन एनडीए की बाकी सहयोगी पार्टियों की तरह भाजपा की लाइन फॉलो नहीं करते हैं। इस मामले में वे कुछ कुछ नीतीश कुमार जैसी राजनीति करते हैं। जैसे अजित पवार ने विधानसभा चुनाव में मुस्लिम को टिकट नहीं देने की राजनीति फॉलो नहीं की। उन्होंने नवाब मलिक को उम्मीदवार बनाया, जिनको भाजपा के नेता खुलेआम दाऊद इब्राहिम का आदमी बताते थे। अजित पवार सार्वजनिक कार्यक्रमों में कहते रहे हैं कि उनके रहते मुसलमानों को किसी तरह के परेशान नहीं...

  • आरएसएस विचारधारा वाले वीसी बनाने का बचाव

    नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आरएसएस की विचारधारा वाला वाइस चांसलर बनाने के फैसले का खुल कर बचाव किया है। उन्होंने कहा है कि आरएसएस की विचारधारा वाला वाइस चांसलर नहीं बने, ऐसा कोई नियम नहीं है। अमित शाह ने बुधवार को संसद में कहा, ‘देश के विश्वविद्यालयों में RSS की विचारधारा वाले वाइस चांसलर की नियुक्ति में क्या गलत है। क्या कोई नियम है किस विचारधारा का व्यक्ति वीसी बनेगा’। अमित शाह ने आगे आगे कहा, ‘देश के शैक्षणिक संस्थाओं में शीर्ष पदों पर वामपंथियों को इंदिरा गांधी ने बिठाया। देश के युवा धन को डायवर्ट...

  • संघ का संगठन भी बीएलओ की मौत से चिंतित

    भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग को छोड़ कर ऐसा लग रहा है कि पूरा देश ही बूथ लेवल अधिकारियों यानी बीएलओ की मौत और उनकी परेशानियों को लेकर चिंतित है। सबको महसूस हो रहा है कि उनके साथ ज्यादती हो रही है। उनके ऊपर काम का बहुत बोझ है। दोहरी जिम्मेदारी निभाने के कारण वे दबाव में हैं और इस वजह से आत्महत्या कर रहे हैं या उनकी जान जा रही है। पूरे देश में ऐसी अनेक घटनाएं हो चुकी हैं। अब तक नौ राज्यों में दो दर्जन से ज्यादा बीएलओ की मौत की खबर है। मध्य प्रदेश, राजस्थान...

  • खड़गे ने आरएसएस पर पाबंदी की मांग की

    नई दिल्ली। अपने बेटे प्रियांक खड़गे के बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ, आरएसएस पर पाबंदी की मांग की है। खड़गे ने शुक्रवार को सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उन्हीं के हवाले से यह मांग की। गौरतलब है कि सरदार पटेल की जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया था। खड़गे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इसका जवाब दिया। खड़गे ने राजधानी दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर पाबंदी लगा देनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘ये मेरा विचार है और मैं खुल कर बोलूंगा...

  • संघ की शाखा नहीं लगने देने के आदेश पर रोक

    बेंगलुरू। सरकारी जमीन पर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी आरएसएस की शाखा नहीं लगने देने के कर्नाटक सरकार के आदेश पर अदालत ने रोक लगा दी है। पिछले दिनों कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने आदेश जारी करके बिना अनुमति सरकारी जगहों पर आरएसएस की शाखा लगाने और 10 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी थी। हाई कोर्ट की ओर से रोक लगाए जाने के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि उनकी सरकार हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी। गौरतलब है कि कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खड़गे ने सार्वजनिक जगहों पर...

  • खड़गे, सिद्धारमैया का आरएसएस विरोध

    कर्नाटक में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनकी सरकार के मंत्री खुल कर हिंदू विरोध की राजनीति कर रहे हैं। वे अहिंदा समीकरण को साधे रहने के लिए कभी बजरंग दल पर पाबंदी की बात करते हैं तो सभी संघ पर पाबंदी की बात करते हैं। पिछले दिनों सिद्धारमैया ने जिद् करके मुस्लिम लेखिका बानू मुश्ताक से मैसुरू दसहरा का उद्घाटन कराया। मामला सुप्रीम कोर्ट तक गया लेकिन सिद्धारमैया अड़े रहे। इसी तरह उन्होंने जाति गणना में लिंगायत को अलग धर्म के तौर पर स्थापित करने का दांव भी चला है। अब उनकी सरकार ने आदेश जारी किया है कि किसी भी...

  • कर्नाटक में आरएसएस पर तकरार

    बेंगलुरू। एक तरफ राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ अपनी स्थापना के सौ साल का उत्सव मना रहा है तो दूसरी ओर कर्नाटक में उसकी तुलना तालिबान से की जा रही है तो सरकारी मैदानों में शाखा लगाने से रोका जा रहा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने राज्य में आरएसएस पर पाबंदी लगाने की मांग की है। उन्होंने सोमवार को कहा कि आरएसएस की मानसिकता तालिबान जैसी है। आरएसएस हिंदू धर्म को उसी तरह लागू करना चाहता है, जिस तरह तालिबान इस्लाम के सिद्धांतों को थोपने के लिए आदेश जारी करता है। इसके पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे...

  • भाजपा के सहयोगियों का संघ प्रेम

    अभी ज्यादा दिन नहीं बीते, जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा था कि भाजपा को अब राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की जरुरत नहीं है क्योंकि पार्टी अब खुद ही सक्षम हो गई है। लेकिन उसके बाद अचानक कुछ ऐसा हुआ है कि भाजपा तो छोड़िए उसकी सहयोगी पार्टियां भी संघ से प्रेम दिखाने लगी हैं। सोचें, कहां तो भाजपा कह रही थी कि उसे संघ की जरुरत नहीं है और कहां तेलुगू देशम पार्टी से लेकर जनता दल यू और लोक जनशक्ति पार्टी की ओर से संघ के सौ साल पूरे होने पर बधाई और शुभकामना के मैसेज...

  • भागवत के भाषण में मोदी की लाइन

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के शताब्दी समारोह में विजयादशमी के दिन नागपुर के संघ मुख्यालय में जो भाषण दिया उसका बड़ा हिस्सा पिछले करीब एक महीने से देश अलग अलग तरह से सुन रहा था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले एक महीने के भाषण और मन की बात कार्यक्रम को जिन लोगों ने सुना है या उसकी खबरें पढ़ी हैं उनको भागवत के भाषण की बहुत सारी चीजें पहले से सुनी हुई लगेंगी। हालांकि कुछ बातें जरूर अलग थीं और कुछ ऐसी भी बातें थीं, जिनमें सरकार के लिए नसीहत छिपी थी। लेकिन...

  • सरकार को भागवत की नसीहत

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने हाल के तमाम सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक मसलों पर अपने भाषण में टिप्पणी की। ज्यादातर मामलों में उन्होंने सरकार की लाइन का समर्थन किया लेकिन कुछ मसलों पर उन्होंने सरकार को नसीहत भी दी। इसमें सबसे अहम मसला आर्थिक विषमता का है। उन्होंने अपने भाषण में कहा, ‘अपने देश को वैश्विक लीडर बनाने के लिए नागरिकों में उत्साह है लेकिन दुनिया भर में मौजूदा आर्थिक प्रणाली की खामियां उजागर हो रही हैं। असमानता बढ़ रही है, आर्थिक शक्ति कुछ ही लोगों के हाथ...

  • संघ के प्रति मोदी का संपूर्ण सद्भाव

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संघ से दुरी की कहानियां अब समाप्त हो जानी चाहिए। क्योंकि दोनों के बीच भरपूर सद्भाव दिख रहा है। मोदी ने संघ के प्रति संपूर्ण निष्ठा का प्रदर्शन किया है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष के समारोह में संघ प्रमुख मोहन भागवत के भाषण के बाद जम कर उसकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का भाषण प्रेरणादायक था। मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘मोहन भागवत का संबोधन प्रेरणादायक है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में संघ के समृद्ध योगदान पर प्रकाश डाला व हमारी भूमि में...

  • संघ के सौ साल में हासिल है मोदी के 11 साल!

    सौ साल का संघ खुद को शक्तिशाली समझ सकता है। मगर बाहर की बात तो अलग है। खुद जिसे वह परिवार कहता है उसमें मोदी के सामने तो वह कमजोर साबित हो ही गया है। सरसंघचालक मोहन भागवत को 75 साल में रिटायर होने की बात कह कर बदलना पड़ा। केवल सांप्रदायिकता बढ़ाने के मामले में उसे और बीजेपी को सफलता मिली है। मगर सांप्रदायिकता बढ़ने से देश मजबूत हुआ है यह सिद्ध करना उसे मुश्किल साबित हो रहा है। गांधी जयंती के साथ संघ के सौ साल! इस पर लिखते हुए सबसे पहले जो बात याद आती है वह...

  • मोदी ने की संघ और स्वंयसेवकों की तारीफ

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी आरएसएस की स्थापना के सौ साल पूरे होने की पूर्व संध्या पर बुधवार को संघ और स्वंयसेवकों की जम कर तारीफ की। उन्होंने शताब्दी समारोह में कहा, ‘संघ के स्वयंसेवकों ने कभी कटुता नहीं दिखाई। चाहे प्रतिबंध लगे, या साजिश हुई हो। सभी का मंत्र रहा है कि जो अच्छा है, जो कम अच्छा, सब हमारा है’। गौरतलब है कि सौ साल पहले 1925 में विजयादशमी के दिन संघ की स्थापना हुई थी। इस मौके पर गुरुवार, दो अक्टूबर को नागपुर संघ मुख्यालय में स्थापना के सौ साल पूरे होने...

  • राष्ट्रवादी मूल्यों में खंपे संघ के सौ वर्ष…

    राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ भारत को केवल राजनीतिक भू सीमा नहीं, बल्कि एक जीवंत सांस्कृतिक राष्ट्र मानता है। इसकी दृष्टि में भारतीय संस्कृति ही राष्ट्रीय एकता का आधार है। ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना के साथ साथ संघ मातृभूमि की सेवा को सर्वोपरि मानता है। यह आधुनिकता और परंपरा के संतुलन पर बल देता है। संघ की स्थापना के पीछे वीर सावरकर और बीएस मुंजे जैसे विचारकों की प्रेरणा भी थी और संघ के सभी सरसंघचालकों ने पूरी निष्ठा से इस प्रेरणा को निभाया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस अपनी स्थापना का शताब्दी वर्ष मना रहा है। दो अक्टूबर को विजयादशमी...

  • चीफ जस्टिस की मां शामिल होंगी संघ के कार्यक्रम में

    मुंबई। राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ यानी आरएसएस की स्थापना के एक सौ साल पूरे होने के मौके पर आयोजित हो रहे कार्यक्रमों की कड़ी में एक कार्यक्रम पांच अक्टूबर को महाराष्ट्र के अमरावती में होगा, जिसमें देश के चीफ जस्टिस बीआर गवई की मां कमलताई गवई राष्ट्रीय शामिल होंगी। अमरावती में होने वाले संघ कार्यक्रम में कमलताई को चीफ गेस्ट बनाया गया है। इससे पहले दो अक्टूबर को विजयादशमी के मौके पर नागपुर में होने वाले आरएसएस के कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद चीफ गेस्ट होंगे। गौरतलब है कि इस साल संघ अपनी स्थापना के एक सौ साल पूरे कर...

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