स्टालिन को सहयोगियों से मदद नहीं
तमिलनाडु में एमके स्टालिन और उनकी पार्टी डीएमके सबसे ज्यादा भरोसे में है। पार्टी जीत के प्रति आश्वस्त है। लेकिन जानकार सूत्रों का कहना है कि स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि को यह अंदाजा है कि इस बार पहले जितनी सीटें नहीं आ रही हैं। पिछली बार डीएमके ने 133 सीट अकेले जीती थी। उसने 234 के सदन में अकेले दम पर बहुमत हासिल किया था। सहयोगी पार्टियों को 42 सीटें मिली थीं। लेकिन स्टालिन ने उनको सरकार में शामिल नहीं किया था। इस बार चुनाव के पहले से कांग्रेस और दूसरी सहयोगी पार्टियों ने साझा सरकार बनाने का दबाव...