बात तो कहने देते!
चर्चा होने पर संसदीय रिकॉर्ड में यह दर्ज होता कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी खेमों में अविश्वास क्यों गहरा ...
चर्चा होने पर संसदीय रिकॉर्ड में यह दर्ज होता कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर विपक्षी खेमों में अविश्वास क्यों गहरा ...
जब देश के कई हिस्सों में फर्ज़ी मुठभेड़ और बुल्डोजर जस्टिस को प्रशासनिक नीति का हिस्सा बना लिया गया है
चुनावी लोकतंत्र में प्रतिनिधित्व के मूलभूत सिद्धांत को लेकर विपक्ष इतना आशंकित क्यों है?
अमेरिका और इजराइल ने जो युद्ध शुरू किया, उसके और उलझते जाने के ही संकेत हैं। इ...
सवाल यह नहीं है कि निर्वाचन प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष है या नहीं। प्रश्न है कि इसको लेकर लोगों के मन में सं...
बुनियादी विकास में निवेश घटने का दुष्प्रभाव गरीब तबकों पर पड़ता है। उधर सरकार जो ऋण लेती है,
एक धार्मिक समुदाय की पहचान पर आधारित प्रीमियर लीग शुरू होने जा रही है, तो अन्य...
विदेशी चंदे की भारत में क्या भूमिका रही है और इसका किस हद तक अवांछित उद्देश्यों के लिए उपयोग हुआ है
अब नियम तय करने के मामले में भी मजबूत देश आम सहमति की परवाह नहीं कर रहे हैं। जो सहमत नहीं हैं, ...
संभवतः पाकिस्तान ने इस सोच के साथ मध्यस्थ बनना स्वीकार किया था कि अमेरिका की शर्तें ही वार्ता का आधार बनेंगी,
साल 1990 में भारत में औसतन हर एक लाख शिशु जन्म के दौरान 508 माताओं की मौत होती थी। ये संख्या 2023 में 116 तक आ ग...
शाह ने उचित ही यह कहा कि माओवाद का संबंध विकास के अभाव या आदिवासियों से नाइंसाफी से नहीं है। बल्कि इसका संबंध एक...
तेलंगाना विधानसभा ने ‘कर्मचारी उत्तरदायित्व एवं माता-पिता की सहायता निगरानी अधिनियम बिल-2026’ को मंजूरी दे दी है। इसमें ...