हेंकड़ी व दंभ की सत्ता का एक और साल

कहते है संकट से चीजे साफ होती है, लोगों का पता पड़ता है और स्पष्टता आती…

न्यू इंडिया में अंधेरे वाली सुबह!

मानो सब कुछ खाक! सुनीता को बूझ नहीं रहा कि वह कहां है, चारों ओर क्या…

आशा, उम्मीद पर टिका है सब

उम्मीद। एक बहुत ही खूबसूरत शब्द, एक विचार, एक स्वरूप। यह शब्द वह उत्प्रेरित, गतिवानऊर्जा में…

ठहरे वक्त में छोटी बातों का जीवन संगीत

पिछले 28 दिनों में हमारे घर में अमेरिकी चैनल‘सीएनएन’ के राग से सुबह शुरू होती है!…

दिल्ली का बनना जंग-ए-मैदान

नई दिल्ली। लाल अक्षरों में लिखी गाली और नारा बतला दे रहे थे कि आबोहवा में…

वाह! जिंदगी को क्या खूब परदे पर उतारा

फिल्म पैरासाइट खत्म होने के कोई घंटे पहले का दृश्य है- एक स्कूल का जिम, जो…

आप के दफ्तर में जब बनी बैचेनी!

अरविंद केजरीवाल और उनके साथी ग्यारह फरवरी 2020 का दिन शायद ही कभी भूल पाएं। और…

दिल्ली की बात में अब सस्पेंस ज्यादा!

दिल्ली की बात में अब सस्पेंस ज्यादा! “हिंदू मुसलिम यदि और हो गया तो भाजपा चुनाव…

राजनीति में चौपट हुई पुलिस

हाल में दिल्ली पुलिस ने हमारे आरडब्लूए (रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) को एक एडवायजरी भेजी। इसमें लोगों…

क्या हो गया बॉलीवुड को?

बात गोल्डन ग्लोब अवार्ड समारोह की है। हास्य अभिनेता और निर्माता-निर्देशक रिकी गार्वेस ने फिल्मी जमात…

नई शुरुआत, नई मुश्किलें

गुजरे साल की 31 दिसबंर की रात हरेक के लिए अलग थी। कुछ लोग अगर नाच-गाने,…

साल जो गुजर गया

साल 2019 खत्म होने को है। कईयों के लिएयह राहत की बात है। आखिर बहुत उतार-चढ़ाव…