पंचांग 28 मार्च शनिवार

शुभ मास-चैत्र मास शुक्ल पक्ष शुभ तिथि चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि रात्रि 12 बजकर 18 मिनट तक तत्पश्चात पंचमी तिथि रहेगी । चतुर्थी तिथि मे अग्नि,विषादिक असद कार्य,शत्रु मर्दन,इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है | शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित है | चतुर्थी तिथि मे जन्मे जातक धनवान, बुद्धिवान ,भाग्यवान ,पराक्रमी  होते है। भरणी  “उग्र-अधोमुख” संज्ञक नक्षत्र दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक तत्पश्चात कृतिका “मिश्र व अधोमुख ” संज्ञक नक्षत्र रहेगा | भरणी नक्षत्र मे उग्र व  अग्निविषादिक कार्य,कुंआ-बावड़ी,बोरिंग ,कृषि इत्यादि कार्य सिद्ध होते है । भरणी नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक सत्यवादी,सुमार्ग पर चलने वाला ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है | इनका भाग्योदय प्राय 25 वर्ष कि उम्र के बाद होता है चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन मेष राशि में संचार करेगा | व्रतोत्सव – बूढ़ी गणगौर,विनायक चतुर्थी व्रत राहुकाल – प्रातः 9 बजे से 10.30 बजे तक दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा मे दिशाशूल रहता है । यात्रा को सफल बनाने लिए घर से अदरक या उरद दाल खा कर निकले । आज के शुभ चौघड़िये – प्रातः 7.57 मिनट से प्रातः 9.29 मिनट तक शुभ ,दोपहर 12.32 मिनट से सायं 5.07 तक चर,लाभ,और अमृत  का चौघड़िया

पंचांग 27 मार्च शुक्रवार

शुभ मास-चैत्र मास शुक्ल पक्ष शुभ तिथि तृतीया जया संज्ञक तिथि रात्रि 10 बजकर 23 मिनट तक रहेगी तत्पश्चात चतुर्थी तिथि रहेगी। तृतीया  तिथि मे सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य,विवाह,प्रतिष्ठा, अन्नप्राशन,यज्ञोपवीत,उत्सव,यज्ञादि कार्य विशेष शुभ माने जाते हैं| तृतीया तिथि मे जन्मे जातक प्रमादी, धनवान ,बुद्धिवान, भाग्यवान, पराक्रमी  होते है। शुभ नक्षत्र-अश्विनी “क्षिप्र ” संज्ञक नक्षत्र पूर्वाह्न 10 बजकर 9 मिनट तक तत्पश्चात भरणी नक्षत्र रहेगा | अश्विनी नक्षत्र मे विवाह ,यात्रा,विद्या इत्यादि कार्य सिद्ध होते है। अश्विनी नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक धनी ,सरल स्वाभाव वाला,साहसी,प्रसिद्ध ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है| अश्विनी नक्षत्र गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र है अतः इस नक्षत्र मे जन्मे जातको को मूल शांति करवा लेनी चाहिये। चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन मेष राशि में संचार करेगा | व्रतोत्सव – गणगौर पूजन ,गौरी तृतीया ,मनोरथ तृतीया राहुकाल – प्रातः 10.30 बजे से 12 बजे तक दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से जौ खा कर निकले। आज के शुभ चौघड़िये – सूर्योदय से पूर्वाह्न 11.01 तक लाभ ,अमृत का ,दोपहर 12.32 मिनट से  2.04 तक शुभ का, सायं 5.06 से सूर्यास्त तक चर का चौघड़िया

पंचांग 26 मार्च गुरुवार

strong>शुभ मास-चैत्र मास शुक्ल पक्ष शुभ तिथि द्वितीया भद्रा संज्ञक तिथि रात्रि 7  बजकर 54 मिनट रहेगी।द्वितीय तिथि मे गृह निर्माण,गृह प्रवेश,विवाह, जनेऊ, वास्तु, प्रतिष्ठा  इत्यादि मांगलिक और शुभ कार्य शुभ रहते है|  द्वितीय तिथि मे जन्मे जातक धनवान,बुद्धिवान ,सुखी ,शौकीन होते है। शुभ नक्षत्र  रेवती नक्षत्र प्रातः 7 बजकर 16 मिनट तक तत्पश्चात अश्वनी नक्षत्र रहेगा | रेवती नक्षत्र मे स्थिर कार्य,वास्तु,शांति कर्म,विवाह इत्यादि मांगलिक कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है ।रेवती नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक धनी ,साहसी,प्रसिद्ध ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन मेष राशि में संचार करेगा | व्रतोत्सव – सिंजारा राहुकाल – दोपहर 1.30 बजे से 3 बजे तक दिशाशूल – गुरुवार को दक्षिण दिशा मे दिशाशूल रहता है । यात्रा को सफल बनाने लिए घर से दही खा कर निकले । आज के शुभ चौघड़िये – सूर्योदय से प्रातः 7.59 मिनट तक शुभ का,प्रातः 11.02 से दोपहर 3.35 मिनट तक चर,लाभ ,अमृत का और सायं 5.06 से सूर्यास्त तक शुभ का चौघड़िया

पंचांग 25 मार्च बुधवार

शुभ मास-चैत्र मास शुक्ल पक्ष शुभ तिथि प्रतिपदा नन्दा संज्ञक तिथि सायं 5 बजकर 27 मिनट तक तत्पश्चात द्वितीय तिथि रहेगी । शुक्ल पक्ष कि प्रतिपदा तिथि मे सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य,विवाह,यज्ञोपवीत,उत्सव,यज्ञादि कार्य विशेष शुभ माने जाते हैं | प्रतिपदा तिथि मे जन्मे जातक धनवान, बुद्धिवान, सदा प्रसन्न रहने वाला ,भाग्यवान,पराक्रमी  होते है। शुभ नक्षत्र  रेवती नक्षत्र सम्पूर्ण दिन रात्रि  रहेगा | रेवती नक्षत्र मे स्थिर कार्य,वास्तु,शांति कर्म,विवाह इत्यादि मांगलिक कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है ।रेवती नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक धनी ,साहसी,प्रसिद्ध ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन  मीन राशि में संचार करेगा | व्रतोत्सव – बसंत नवरात्रा शुरू,,चेटीचंड ,गुड़ीपड़वा। चांद्र संवत्सर प्रारम्भ चैत्र नवरात्र 2020 घट स्थापना मुहूर्त द्विस्वभाव मीन लग्न में प्रातः 6-29 से प्रातः 7-26 तक घट स्थापना का शुभ मुहुर्त रहेगा | द्विस्वभाव मिथुन लग्न में दोपहर 11-00 बजे से दोपहर 12-09 मिनट तक भी घट स्थापना मुहूर्त रहेगा | घट स्थापना का चौघड़िया मुहूर्त – प्रातः 6-29 से प्रातः 9-31 तक लाभ – अमृत के चौघड़िया में , दोपहर 11-02 से दोपहर 12-09 तक शुभ के चौघड़िया में घट स्थापना करी जा सकती है | नोट – प्रतिपदा के दिन बुधवार होने से अभिजीत मुहूर्त… Continue reading पंचांग 25 मार्च बुधवार

पंचांग 24 मार्च मंगलवार

शुभ मास-चैत्र मास कृष्ण पक्ष शुभ तिथि अमावस्या तिथि दोपहर 2 बजकर 58 मिनट बजे तक तत्पश्चात शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरम्भ । अमावस्या  तिथि मे शुभ और मांगलिक कार्य वर्जित माने गये है पर स्नान,दान व श्राद्ध इत्यादि कार्य किये जा सकते है ।अमावस्या तिथि मे जन्मे जातक अशांत मन के ,धनवान,बुद्धिवान ,साहसी ,धर्मपरायण होते है उत्तरा भाद्रपद “ध्रुव -उर्ध्वमुख मुख”  संज्ञक नक्षत्र अंत रात्रि 4 बजकर 19 मिनट तक रहेगा |उत्तराभाद्रपद नक्षत्र मे स्थिर कार्य , वास्तु, शांति कर्म,विवाह इत्यादि मांगलिक कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है ।उत्तराभाद्रपद नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक धनी ,साहसी,प्रसिद्ध ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है | चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन  मीन राशि में संचार करेगा | व्रतोत्सव –  देवपितृकार्य अमावस्या ,चैत्री भौमवती अमावस्या ,पंचक,विक्रम सम्वत 2076 समाप्त राहुकाल – दोपहर 3 बजे से 4.30 बजे तक दिशाशूल – मंगलवार को उत्त्तर दिशा मे दिशाशूल रहता है । यात्रा को सफल बनाने लिए घर से गुड़ खा कर निकले । आज के शुभ चौघड़िये – प्रातः 9.32 मिनट से दोपहर 02.04 मिनट तक चर,लाभ,अमृत का और दोपहर 3.35 मिनट से सायं 5.06 तक शुभ का चौघड़िया

पंचांग 23 मार्च सोमवार

शुभ मास-चैत्र मास कृष्ण पक्ष शुभ तिथि चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक तत्पश्चात अमावस्या तिथि रहेगी। चतुर्दशी तिथि को अग्नि विषादिक कार्य ,उग्र कार्य ,बंधन इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है। चतुर्दशी तिथि मे जन्मे जातक धर्मात्मा, धनवान, बुद्धिवान,भाग्यवान, पराक्रमी  होते है पूर्वाभाद्रपद “उग्र-अधोमुख मुख” संज्ञक नक्षत्र रात्रि 1 बजकर 21 मिनट तक रहेगा| पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र मे अग्निविषादिक ,साहसिक विशेष रूप से सिद्ध होते है। पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक धनी ,साहसी,प्रसिद्ध ,सुन्दर , धनवान, बुद्धिमान होता है| चन्द्रमा  सायं 6-37 तक कुम्भ राशि में तत्पश्चात मीन राशि में संचार करेगा| व्रतोत्सव –  पंचक राहुकाल – प्रातः 7.30 बजे से 9 बजे तक दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से दूध पी कर निकले। आज के शुभ चौघड़िये – सूर्योदय से प्रातः 8.02 तक अमृत ,प्रातः 9.32 मिनट से पूर्वाह्न 11.03 मिनट तक शुभ और दोपहर 2.04 मिनट से सूर्यास्त तक चर,लाभ,अमृत का चौघड़िया

पंचांग 21 मार्च शनिवार

शुभ मास-चैत्र मास कृष्ण पक्ष शुभ तिथि द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि प्रातः 7 बजकर 56 मिनट तक तत्पश्चात त्रयोदशी तिथि रहेगी  ।द्वादशी  तिथि मे विवाह आदि मांगलिक, यज्ञोपवीत, गृह आरम्भ, प्रवेश,देव कार्य सहित सभी प्रकार के चर -स्थिर कार्य शुभ व सिद्ध होते है|  द्वादशी तिथि मे जन्मे जातक चंचल,अस्थिर,परोपकारी, ऐश्वर्यवान, धर्म परायण, गुणवान,होते है धनिष्ठा “चर -ऊर्ध्व मुख” संज्ञक नक्षत्र सायं 7 बजकर 40 मिनट तक रहेगा  | धनिष्ठा नक्षत्र मे मुंडन, जनेऊ, देव प्रतिष्ठा, वास्तु,,वाहन क्रय करना,विवाह, व्यापर आरम्भ,बोरिंग,शिल्प, विद्या आरम्भ इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है । धनिष्ठा  नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक धनी, साहसी, प्रसिद्ध, शौकीन, धनवान, बुद्धिमान होता है चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन कुम्भ राशि में संचार करेगा | व्रतोत्सव – शनि प्रदोष व्रत, द्वादशी तिथि वृद्धि, पंचक राहुकाल – प्रातः 9 बजे से 10.30 बजे तक दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा मे दिशाशूल रहता है । यात्रा को सफल बनाने लिए घर से अदरक या उरद दाल खा कर निकले । आज के शुभ चौघड़िये – प्रातः 8.04 मिनट से प्रातः 9.34 मिनट तक शुभ, दोपहर 12.34 मिनट से सायं 5.05 तक चर,लाभ,और अमृत  का चौघड़िया

पंचांग 20 मार्च शुक्रवार

शुभ मास-चैत्र मास कृष्ण पक्ष शुभ तिथि द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि सम्पूर्ण दिन रात्रि रहेगी ।द्वादशी  तिथि मे विवाह आदि मांगलिक , यज्ञोपवीत ,गृह आरम्भ, प्रवेश,देव कार्य सहित सभी प्रकार के चर -स्थिर कार्य शुभ व सिद्ध होते है|  द्वादशी तिथि मे जन्मे जातक चंचल,अस्थिर,परोपकारी ,ऐश्वर्यवान ,धर्म परायण ,गुणवान,होते है श्रवण “चर -ऊर्ध्व मुख” संज्ञक सायं 5 बजकर 5 मिनट तक तत्पश्चात धनिष्ठा नक्षत्र सम्पूर्ण रहेगा| श्रवण नक्षत्र मे देव प्रतिष्ठा ,वास्तु,जनेऊ संस्कार, वाहन क्रय करना, विवाह ,व्यापर आरम्भ,बोरिंग,शिल्प ,विद्या आरम्भ इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है। श्रवण नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक धनी ,साहसी, प्रसिद्ध मेहनत करने वाला, धनवान, बुद्धिमान होता है चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन मकर राशि में संचार करेगा| व्रतोत्सव – पापमोचनी एकादशी व्रत वैष्णवों का राहुकाल – प्रातः 10.30 बजे से 12 बजे तक दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से जौ खा कर निकले। आज के शुभ चौघड़िये – सूर्योदय से पूर्वाह्न 11.04 तक लाभ ,अमृत का ,दोपहर 12.34 मिनट से  2.04 तक शुभ का ,सायं 5.04से सूर्यास्त तक चर का चौघड़िया

पंचांग 19 मार्च गुरुवार

शुभ मास-चैत्र मास कृष्ण पक्ष शुभ तिथि एकादशी नन्दा संज्ञक तिथि अगले दिन सूर्योदय पूर्व 6 बजे तक तत्पश्चात द्वादशी तिथि रहेगी ।एकादशी तिथि मे विवाह आदि मांगलिक , यज्ञोपवीत ,गृह आरम्भ, प्रवेश,देव कार्य आदि कार्य शुभ व सिद्ध होते है| उत्तरा षाढ़ा “ध्रुव -ऊर्ध्व मुख” संज्ञक दोपहर 2 बजकर 50 मिनट तक रहेगा | उत्तरषाढ़ा नक्षत्र मे बोरिंग,शिल्प ,विद्या आरम्भ ,वास्तु शांति इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है। उत्तरषाढ़ा नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक स्वतन्त्र विचारो वाला,कठोर मेहनत करने वाला, धनवान, बुद्धिमान होता है,आज्ञाकारी ,धर्मपरायण होते है। चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन मकर राशि में संचार करेगा| व्रतोत्सव –  पापमोचनी एकादशी व्रत स्मार्तो का राहुकाल – दोपहर 1.30 बजे से 3 बजे तक दिशाशूल – गुरुवार को दक्षिण दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से दही खा कर निकले। आज के शुभ चौघड़िये – सूर्योदय से प्रातः 8.03 मिनट तक शुभ का,प्रातः 11.05 से दोपहर 3.34 मिनट तक चर,लाभ ,अमृत का और सायं 5.04 से सूर्यास्त तक शुभ का चौघड़िया

पंचांग 18 मार्च बुधवार

शुभ मास-चैत्र मास कृष्ण पक्ष शुभ तिथि दसमी पूर्णा संज्ञक तिथि अंत रात्रि 4 बजकर 27 मिनट तक तत्पश्चात एकादशी तिथि रहेगी । दसमी तिथि को विवाह आदि मांगलिक विवाह कार्य ,गृह प्रवेश,यात्रा इत्यादि कार्य शुभ माने जाते हैं | दसमी तिथि मे जन्मे जातक धनवान, व् बुद्धिवान, भाग्यवान होते है। पूर्वाषाढ़ा “उग्र -अधोमुख ” संज्ञक नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा | पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र मे बोरिंग,शिल्प ,विद्या आरम्भ ,वास्तु शांति इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक स्वतन्त्र विचारो वाला,कठोर मेहनत करने वाला, धनवान, बुद्धिमान होता है चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन धनु राशि में संचार करेगा | व्रतोत्सव – दशामाता व्रत राहुकाल – दोपहर 12 बजे से 1.30 बजे तक दिशाशूल – बुधवार को उत्त्तर दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से गुड़ ,धनिया खा कर निकले। आज के शुभ चौघड़िये – सूर्योदय से प्रातः 9.36 तक लाभ अमृत का, प्रातः 11.05 मिनट से दोपहर 12.35 मिनट तक शुभ और दोपहर 3.34 मिनट से सूर्यास्त तक चर,लाभ का चौघड़िया।

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शुभ मास-चैत्र मास कृष्ण पक्ष शुभ तिथि अष्टमी जया संज्ञक तिथि अंत रात्रि 3 बज कर 0 मिनट तक तत्पश्चात नवमी तिथि आरम्भ । अष्टमी तिथि मे यथा आवश्यक विवाह आदी , मनोरंजन ,लेखन ,प्रवेश इत्यादि कार्य शुभ रहते है ।अष्टमी तिथि मे जन्मे पुत्र या पुत्री धनवान,गुणवान,पराक्रमी होते है।अष्टमी तिथि को मास मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। शुभ नक्षत्र ज्येष्ठा नक्षत्र दोपहर 11 बजकर 12 मिनट तक तत्पश्चात मूल नक्षत्र रहेगा  | ज्येष्ठा नक्षत्र मे अग्नि ,शिल्प,चित्रकारी इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है । ज्येष्ठा नक्षत्र गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र है अतः ज्येष्ठा नक्षत्र मे जन्मे जातको कि 27 दिन बाद पुनः इसी नक्षत्र के दिन मूल शांति करवा लेनी चाहिए |  ज्येष्ठा नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक स्वतन्त्र विचारो वाला,कठोर मेहनत करने वाला, क्रोधी स्वाभाव वाला , सुन्दर ,साहसी,व्यापार निपुण ,धनवान, बुद्धिमान होता है चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन धनु राशि में संचार करेगा| व्रतोत्सव – शीतलाष्टमी पूजन ,बास्योड़ा (स्वयं सिद्ध अभूझ मुहूर्त) राहुकाल – प्रातः 7.30 बजे से 9 बजे तक दिशाशूल – सोमवार को पूर्व दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से दूध पी कर निकले। आज के शुभ चौघड़िये – सूर्योदय से प्रातः 8.08 तक अमृत, प्रातः 9.37… Continue reading Untitled

पंचांग 14 मार्च शनिवार

शुभ मास-चैत्र मास कृष्ण पक्ष शुभ तिथि षष्ठी नन्दा संज्ञक तिथि रात्रि 4 बजकर 26 मिनट तक रहेगी । षष्ठी तिथि को यथा आवश्यक विवाहादि मांगलिक कार्य,गृहारम्भ ,संस्कार सम्बंधित कार्य शुभ माने जाते हैं| पर पितृ कर्म वर्जित माना जाता है। षष्ठी तिथि मे जन्मे जातक धनवान,बुद्धिवान,व्यापार कुशल, आज्ञाकारी, धर्मपरायण होते है। शुभ नक्षत्र विशाखा नक्षत्र दोपहर 12 बज कर 20 मिनट तक तत्पश्चात अनुराधा नक्षत्र रहेगा| विशाखा नक्षत्र मे शिल्प,चित्रकारी इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है । विशाखा नक्षत्र मे जन्मा जातक सुन्दर ,साहसी,व्यापार निपुण, धनवान, बुद्धिमान होता है चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन तुला राशि में संचार करेगा | व्रतोत्सव – मीन मल मास प्रारम्भ,सूर्य मीन में प्रवेश 11-54 राहुकाल – प्रातः 9 बजे से 10.30 बजे तक दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से अदरक या उरद दाल खा कर निकले। आज के शुभ चौघड़िये – प्रातः 8.10 मिनट से प्रातः 9.39 मिनट तक शुभ, दोपहर 12.36 मिनट से सायं 5.02 तक चर, लाभ, और अमृत का चौघड़िया

पंचांग 12 मार्च गुरुवार

शुभ मास-चैत्र मास कृष्ण पक्ष शुभ तिथि तृतीया जया संज्ञक तिथि दोपहर 11 बजकर 59 मिनट तक तत्पश्चात चतुर्थी रिक्ता संज्ञक तिथि आरम्भ ।तृतीया  तिथि मे सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य,विवाह,प्रतिष्ठा ,अन्नप्राशन ,यज्ञोपवीत,उत्सव,यज्ञादि कार्य विशेष शुभ माने जाते हैं| तृतीया तिथि मे जन्मे जातक प्रमादी, धनवान ,बुद्धिवान, भाग्यवान,पराक्रमी  होते है। शुभ नक्षत्र चित्रा नक्षत्र दोपहर 4 बजकर 16 मिनट तक ततपश्चात स्वाति नक्षत्र रहेगा| चित्रा नक्षत्र मे यदि तिथि शुभ हो तो यात्रा,विवाह, गृह प्रवेश, मांगलिक कार्य  इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है। चित्रा नक्षत्र मे जन्मा जातक मेघावी,विलासप्रिय ,धनवान, बुद्धिमान होता है चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन तुला राशि में संचार करेगा| व्रतोत्सव – चतुर्थी व्रत ,चंद्रोदय रात्रि 09-36 मिनट पर राहुकाल – दोपहर 1.30 बजे से 3 बजे तक दिशाशूल – गुरुवार को दक्षिण दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से दही खा कर निकले । आज के शुभ चौघड़िये – सूर्योदय से प्रातः 8.12 मिनट तक शुभ का,प्रातः 11.08 से दोपहर 3.33 मिनट तक चर,लाभ ,अमृत का और सायं 5.02 से सूर्यास्त तक शुभ का चौघड़िया

पंचांग 10 मार्च मंगलवार

शुभ मास-चैत्र मास कृष्ण पक्ष शुभ तिथि प्रतिपदा नन्दा संज्ञक तिथि  सायं 7 बजकर 24 मिनट तक तत्पश्चात द्वितीय तिथि रहेगी । कृष्ण पक्ष कि प्रतिपदा तिथि मे सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्य,विवाह,यज्ञोपवीत,उत्सव,यज्ञादि कार्य विशेष शुभ माने जाते हैं | प्रतिपदा तिथि मे जन्मे जातक धनवान, बुद्धिवान, सदा प्रसन्न रहने वाला ,भाग्यवान,पराक्रमी  होते है। उत्तर फाल्गुनी ” ध्रुव व उर्ध्वमुख ” संज्ञक रात्रि 10 बजकर 01 मिनट तक तत्पश्चात हस्त नक्षत्र  रहेगा  | उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र मे विवाह गृह प्रवेश, यज्ञोपवीत, इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है । उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र मे जन्मा जातक विलासप्रिय ,निपुण ,धनवान, बुद्धिमान होता है | चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन कन्या  राशि में संचार करेगा | व्रतोत्सव – धुलण्डी ,गणगौर पूजा प्रारम्भ ,डोलोत्सव राहुकाल – दोपहर 3 बजे से 4.30 बजे तक दिशाशूल – मंगलवार को उत्त्तर दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से गुड़ खा कर निकले। आज के शुभ चौघड़िये – प्रातः 9.41 मिनट से दोपहर 02.05 मिनट तक चर, लाभ, अमृत का और दोपहर 3.33 मिनट से सायं 5.01 तक शुभ का चौघड़िया

पंचांग 08 मार्च रविवार

शुभ मास-फाल्गुन मास शुक्ल पक्ष शुभ तिथि चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि अंत रात्रि 3 बजकर 4 मिनट तक तत्पश्चात पूर्णिमा तिथि रहेगी। चतुर्दशी तिथि को अग्नि विषादिक कार्य ,उग्र कार्य ,बंधन इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है। चतुर्दशी तिथि मे जन्मे जातक धर्मात्मा, धनवान, बुद्धिवान, भाग्यवान, पराक्रमी  होते है शुभ नक्षत्र अश्लेषा नामक “तीक्ष्ण” संज्ञक नक्षत्र प्रातः 6 बज कर 52 मिनट तक तत्पश्चात मघा नक्षत्र रहेगा | अश्लेषा मे शत्रु, कोर्ट कचहरी इत्यादि कार्य विशेष रूप से सिद्ध होते है। शुभ-मांगलिक कार्य वर्जित है। अश्लेषा नक्षत्र गंड मूल नक्षत्र माना जाता है. इस नक्षत्र मे जन्मे जातक की गंड मूल शांति हवन 27 दिन बाद पुनः इसी नक्षत्र के दिन करा लेनी चाहिए। अश्लेषा नक्षत्र मे जन्म लेने वाला जातक क्रोधी स्वाभाव वाला, सुन्दर, धनवान, बुद्धिमान होता है चन्द्रमा  सम्पूर्ण दिन सिंह राशि में  संचार करेगा| व्रतोत्सव –  विश्व महिला दिवस राहुकाल – सायंकाल 4.30 बजे से 6 बजे तक दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा मे दिशाशूल रहता है। यात्रा को सफल बनाने लिए घर से घी-दलिया खा कर निकले।

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