पूर्ण वैचारिक स्वतंत्रता के पक्षधर गौतम बुद्ध

भगवान गौतम बुद्ध संसार के धर्म प्रचारकों में एक दैदीप्यमान प्रकाश स्तम्भ की भांति आकाश में अपना दिव्य प्रकाश ढाई हजार वर्षों से संसार में बिखेर रहे हैं।

व्यक्ति, समाज और जगत का एक सिद्धान्त

ब्रह्माण्ड को ब्रह्म का शरीर माना गया है। ब्रह्माण्ड के भी सब पदार्थ, शरीर की भान्ति प्रति क्षण क्षरित हो रहे हैं। जगत्यां जगत अर्थात गत्तिशील जगत शरीर है।

शत्रु नाश हेतु बगलामुखी उपासना

वाद- विवाद और युद्ध में विजय की प्राप्ति, शत्रुओं के नाश, वाक सिद्धि के उद्देश्य से भगवती बगलामुखी की उपासना किये जाने की पौराणिक परिपाटी है।

कर्म करने में स्वतंत्र है मनुष्य

मनुष्य कर्म करने में स्वतंत्र है, परन्तु मनुष्य से इतर जीव-जन्तु कर्म करने में स्वतंत्र नहीं हैं।

सनातन धर्म के उद्धारक आदि शंकराचार्य

प्राचीनकालीन देवी पूजा से जुड़ी शाक्त संप्रदाय पांच मकारों अर्थात मत्स्य, मांस, मद्य, मुद्रा (नृत्य) और मैथुन में विश्वास करता था।

परशुरामः युग परिवर्तन के साक्षी, कारण व कारक!

भारतीय पुरातन ग्रन्थों में अतिप्राचीन काल में हो चुके कुछ ऐसे महापुरुषों का वर्णन है, जिन्हें आज भी जीवित अर्थात अमर माना जाता है।

श्रृद्धा बिनु धर्म नहिं होई……

एक देश जो अपनी जड़, अपनी जमीन, अपने जल, अपने जंगल, अपनी संस्कृति को पहचान कर उसी में विकसित होना चाहता है।

पुष्टि मार्ग के प्रणेता वल्लभाचार्य

वल्लभाचार्य के मत में भगवान श्रीकृष्ण के अनुग्रह को पुष्टि और इस विशेष अनुग्रह से उत्पन्न होने वाली भक्ति को पुष्टिभक्ति कहा जाता है।

22 अप्रैल-पृथ्वी दिवस: आश्रय आधार मां पृथ्वी

हे धरती देवी, तुम सम्पूर्ण लोक की आधार हो, तू मुझे भी धारण कर, मैं तुम पर पैर रख रहा हूँ, इस अपराध को क्षमा कर।

पुण्यभूमि और हिन्दुस्तानी का सवाल

नैतिक पतन से देशवासियों को उभारने के लिए लोगों में राष्ट्रभक्ति अर्थात देश से प्रेम की और नैतिक आचरण की सुदृढ़ता के लिए एक आचार संहिता की आवश्यकता है।

नित्य, अजर, अमर है जीवात्मा

प्रश्न उत्पन्न होता है कि तो फिर मरता क्या है?  मृत्यु शरीर और आत्मा (नाशवान और अविनाशी) के संयोग की समाप्ति ही है ।

श्रीराम भक्त हनुमान, सर्वत्र उपासना

पौराणिक गाथाओं के अनुसार इस धरा पर जिन सात अथवा आठ मनीषियों को अमरत्व का वरदान प्राप्त है, उनमें बजरंगबली भी एक हैं।

प्रेम, वासना और रूप के देव कामदेव

वेदों, उपनिषदों, पुराणों में काम के प्रति सहजता का एक भाव पाया जाता है।

संगीत के जादूगर की पहली ब्रीदलेस हनुमान चालीसा शेमारू भक्ति पर लॉन्च

मशहूर प्लेबैक सिंगर और बेहतरीन कंपोजर शंकर महादेवन आज किसी भी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने सिंगिंग जगत में एक से बढ़कर एक गाने दिए हैं।

मनोवांछित फल प्रदाता कामदा एकादशी

चैत्र शुक्ल एकादशी को कामदा एकादशी कहा जाता है। यह बहुत ही फलदायी होने के कारण इसे फलदा एकादशी भी कहते हैं। पुराणों में इसे श्रीविष्णु का उत्तम व्रत कहा गया है।

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