सरकारी आंकड़ों की विश्वसनीयता का सवाल
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही की विकास दर के आंकड़ों को लेकर शुरू हुई बहस समाप्त नहीं हो रही है। इन आंकड़ों पर सवाल उठा...
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही की विकास दर के आंकड़ों को लेकर शुरू हुई बहस समाप्त नहीं हो रही है। इन आंकड़ों पर सवाल उठा...
यह गजब बात है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि विपक्ष उनके कामकाज की तारीफ करे, उनका समर्थन करे, उनकी वाहवाही क...
संस्थाओं का जवाबदेह होना और जन भावना के अनुरूप काम करना लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत है। हालांकि कई बार जन भावना को संतुष...
आरक्षण की व्यवस्था पर देश में बहस हो रही है। अच्छी बात है। बहस होनी चाहिए। अगर पहले बहस हुई होती और समय की जरुरत के हिसा...
चुनावी राजनीति का विमर्श बदल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी भले राजनीतिक दल नहीं बनी है और बने तो हो सकता है कि ...
पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव न तो रद्द होगा और न इसे दोबारा कराने के बारे में कोई सोचेगा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव...
देश में जनगणना का दूसरा चरण शुरू हो गया है। पहले चरण में मकानों की गिनती के बाद अब नागरिकों की गिनती हो रही है। इसकी शुर...
यह भारतीय जनता पार्टी की विशेषता है कि वह राजनीतिक फायदे के लिए किसी भी किसी पवित्र प्रतीक को विवाद और टकराव के अस्त्र म...
इतिहास अपने को दोहरा रहा है। राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री रहते कंप्यूटर क्रांति या व्यापक रूप से कहें तो संचार क्रांति की...
नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभालने के बाद 209 दिन तक चले मंथन से भाजपा का संगठन चलाने के लिए जो ‘रत्न’ चुने ग...
पिछले कुछ वर्षों से एक परिघटना के तौर पर ‘अर्बन नक्सल’ की चर्चा हो रही है। बड़े शहरों खास कर महानगरों में रहने वाले कुछ ...
यह समझना बहुत मुश्किल नहीं है कि केंद्र सरकार विदेशी चंदे के कानून यानी एफसीआरए में बदलाव क्यों करना चाहती है। लेकिन वह ...
दुनिया के किसी भी सभ्य लोकतांत्रिक देश के नागरिक की असहायता ऐसी नहीं होगी, जैसी भारत महान के नागरिकों की है। उसकी कहीं स...
देश की राजनीति इस समय एक बुनियादी बदलाव के दौर से गुजर रही है। यह दौर युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए उनके आक्रोश ...
भारत के पास पड़ोस में भूराजनीतिक स्थितियां तेजी से बदल रही हैं। पिछले दो साल में पड़ोस के तीन देशों बांग्लादेश, नेपाल और...