राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

93 वर्ष की हुईं वैजयंती माला

बॉलीवुड की जानी-मानी अभिनेत्री वैजयंती माला आज 93 वर्ष की हो गईं।तमिलनाडु में 13 अगस्त 1933 को जन्मीं वैजयंती माला ने अपने सिने करियर की शुरुआत महज 16 वर्ष की उम्र में एक तमिल फिल्म से की। वर्ष 1951 में प्रदर्शित फिल्म ‘बहार’ से वैजयंती माला ने बॉलीवुड में पदार्पण किया। वर्ष 1954 में प्रदर्शित फिल्म ‘नागिन’ उनके सिने करियर की पहली सुपरहिट फिल्म साबित हुई।

वर्ष 1955 में प्रदर्शित फिल्म ‘देवदास’ वैजयंती माला के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार की जाती है। विमल राय के निर्देशन में शरतचंद्र के उपन्यास पर बनी इस फिल्म में वैजयंती माला ने चंद्रमुखी के किरदार को रुपहले पर्दे पर साकार किया। इस फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए वह सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार से सम्मानित की गईं।

वर्ष 1958 में प्रदर्शित फिल्म ‘साधना’ वैजयंती माला के करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शुमार है। बी.आर. चोपड़ा निर्मित-निर्देशित इस फिल्म में वैजयंती माला अपने करियर में पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त करने में सफल रहीं।

वर्ष 1958 में ही प्रदर्शित फिल्म ‘मधुमती’ वैजयंती माला के करियर की एक और उल्लेखनीय फिल्म साबित हुई। विमल राय निर्मित यह फिल्म पुनर्जन्म पर आधारित थी। इस फिल्म में वैजयंती माला ने तिहरी भूमिका निभाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। अपने दमदार अभिनय के लिए वह सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकित की गईं।

Also Read : नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बेटी शौरा ने बटोरी सुर्खियां

वर्ष 1964 में प्रदर्शित फिल्म ‘संगम’ वैजयंती माला के करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्म साबित हुई। राज कपूर निर्मित-निर्देशित ‘संगम’ त्रिकोणीय प्रेम पर आधारित थी। इस फिल्म में उनकी जोड़ी राज कपूर और राजेंद्र कुमार के साथ सराही गई। फिल्म में अपने दमदार अभिनय के लिए वैजयंती माला सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार से भी सम्मानित की गईं।

वैजयंती माला ने अपने करियर के दौरान सभी बड़े कलाकारों के साथ काम किया। इनमें दिलीप कुमार, राज कपूर, देव आनंद, राजेंद्र कुमार और सुनील दत्त शामिल हैं। वैजयंती माला की जोड़ी सर्वाधिक राजेंद्र कुमार के साथ पसंद की गई।

उन्होंने वर्ष 1968 में डॉ. चमनलाल बाली से शादी कर ली और इसके बाद फिल्मों में काम करना बंद कर दिया। वर्ष 1969 में उनकी अंतिम फिल्म ‘प्रिंस’ प्रदर्शित हुई।

वैजयंती माला ने अपने करियर में हिंदी फिल्मों के अलावा तेलुगु, तमिल और बंगाली फिल्मों में भी अभिनय किया। भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री और पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया है।

फिल्मों में कई यादगार भूमिकाएं निभाने के बाद वैजयंती माला ने समाज सेवा के लिए राजनीति में प्रवेश किया और लोकसभा की सदस्य बनीं। वैजयंती माला इन दिनों फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय नहीं हैं।

Pic Credit : ANI

By Naya India

Naya India, A Hindi newspaper in India, was first printed on 16th May 2010. The beginning was independent – and produly continues to be- with no allegiance to any political party or corporate house. Started by Hari Shankar Vyas, a pioneering Journalist with more that 30 years experience, NAYA INDIA abides to the core principle of free and nonpartisan Journalism.

Leave a comment