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शक्ति प्रदर्शन के दौर में प्रदेश…

भोपाल। अब जबकि प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने को कुछ ही महीने शेष बचे हैं तब तमाम राजनीतिक दल शक्ति प्रदर्शन करने में जुट गए हैं। सोमवार को कांग्रेस पार्टी ने राजधानी भोपाल में हुंकार भरी तो आज आम आदमी पार्टी के दोनों मुख्यमंत्री राजधानी पहुंच रहे हैं। वहीं सत्ताधारी दल भाजपा 14 से 24 मार्च तक चलने वाले बूथ अभियान टू का आज शुभारंभ करेगी।

दरअसल, लंबे अरसे बाद सोमवार को कांग्रेस में राजधानी भोपाल में महंगाई, बेरोजगारी, कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने वाटर कैनन से खदेड़ा। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि कार्यकर्ताओं की यह परीक्षा की घड़ी है अगले 6 महीने आपकी निष्ठा की परीक्षा है और जिस तरह से कार्यकर्ताओं ने पिछले 18 सालों से कांग्रेस का झंडा उठाया है। उसी तरह आगामी दिनों भी हम थमे रहें। कमर कस लें तो कोई नहीं रोक सकता।

यह कांग्रेस की नहीं मध्यप्रदेश के भविष्य की बात है। प्रदेश में आज हर वर्ग परेशान है भटकता नौजवान दुखी किसान व्यापारी सब परेशान घूम रहे हैं। आपको अपना सिर नहीं झुकाना है। छाती ठोक कर कहिए कि 15 महीने में कांग्रेस सरकार ने क्या-क्या किया। 15 महीनों में हमने अपनी नीति और नियत का परिचय दिया है।
कार्यकर्ताओं को प्रदेश प्रभारी जे.पी. अग्रवाल, नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह, पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, पी.सी. शर्मा पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने भी संबोधित किया। कमलनाथ ने प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया और ट्वीट कर कहा कि 6 महीने बाद प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनेगी।

वहीं दूसरी ओर प्रदेश में अपनी संभावनाओं को तलाश रहे ‘आप’ पार्टी आज राजधानी में एक बड़ी सभा करने जा रही है जिसमें उसके दोनों मुख्यमंत्री दिल्ली के अरविंद केजरीवाल और पंजाब के भगवंत सिंह मान आ रहे हैं। नगरीय निकाय और पंचायती राज के चुनाव में प्रदेश में अपनी दमदार दस्तक देने वाली ‘आप’ पार्टी भी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है और इसी सिलसिले में आज शक्ति प्रदर्शन करके प्रदेश में माहौल बनाना चाहती है।

वहीं सत्ताधारी दल भाजपा का आज से 64,000 से भी ज्यादा बूथों पर बूथ विस्तारक अभियान दो शुरू हो रहा है। 14 से 24 मार्च तक चलने वाले अभियान से पार्टी बूथ पर चुनावी दृष्टि से अभी से मजबूती कर लेना चाहते हैं। एक कार्यकर्ता को 30 मतदाताओं की जिम्मेदारी दी जाएगी और प्रदेश में 19,00,000 कार्यकर्ताओं की सूची बनाई जा रही है।

कुल मिलाकर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2023 की तैयारियों में जुटे राजनीतिक दल शक्ति प्रदर्शन के दौर में प्रवेश कर गए जैसे कि प्रदेश में पार्टी के पक्ष में माहौल बनाया जा सके और मतदाताओं का ध्रुवीकरण चुनावी वक्त में हो सके।

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