Prashant Kishor: बिहार की राजधानी पटना में सोमवार को सुबह चार बजे से लेकर रात आठ बजे तक प्रशांत किशोर को लेकर राजनीतिक घटनाक्रम चलता रहा।
बिहार लोक सेवा आयोग की 70वीं परीक्षा की प्रांरभिक परीक्षा रद्द करने और फिर से परीक्षा कराने की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे प्रशांत किशोर को सोमवार की सुबह चार बजे बिहार पुलिस ने एकदम छापामार तरीके से गिरफ्तार किया था।
हालांकि रात आठ बजे तक वे बिना शर्त रिहा हो गए। इसके बाद रात आठ बजे उन्होंने मीडिया से बात किया और कहा कि उनका अनशन जारी रहेगा।
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इससे पहले सोमवार को दोपहर दो बजे के करीब उन्हें पटना सिविल कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था। देर शाम पुलिस पीके को लेकर बेऊर जेल लेकर पहुंची।
लेकिन जेल प्रशासन के पास कोर्ट का आदेश नहीं पहुंचा था। इसके बाद पीके को पुलिस बेऊर थाना लेकर गई। कुछ देर वे यहीं रहे।
बाद में उनके वकील शिवानंद गिरी ने बताया कि ‘उन्हें बिना शर्त बेल मिली है’। जेल जाने के क्रम में भी प्रशांत किशोर ने कहा था कि जेल में भी उनका अनशन जारी रहेगा।
प्रशांत किशोर को पुलिस ने सोमवार सुबह चार बजे गिरफ्तार किया था। वे दो जनवरी की शाम पांच बजे से बीपीएससी अभ्यर्थियों के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे थे।
गिरफ्तारी के बाद पटना सिविल कोर्ट में उनकी पेशी हुई, जहां एसडीजेएम आरती उपाध्याय की कोर्ट से उन्हें 25 हजार के निजी मुचलके पर बेल मिली।(Prashant Kishor)
हालांकि प्रशांत किशोर सशर्त जमानत लेने के लिए तैयार नहीं हुए। असल में कोर्ट ने इस शर्त पर जमानत दी थी कि वे बॉन्ड पर दस्तखत करेंगे, जिसमें कहा गया था कि वे आगे इस तरह के काम नहीं करेंगे।
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Image Source: ANI

