दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के विभिन्न कॉलेजों की कई छात्राओं ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा के विरोध में शुक्रवार को मार्च निकाला।
यह मार्च 17 वर्षीय एक लड़की के साथ आस्था कुंज पार्क में कथित दुष्कर्म की घटना के बाद निकाला गया। छात्राओं ने कमला नेहरू कॉलेज के गेट से मार्च शुरू किया। उन्होंने ‘हम औरतें आजाद हैं’ के संदेश के साथ मार्च निकाला।
छात्राओं ने कहा कि यह प्रदर्शन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताने और सुरक्षा के नाम पर महिलाओं की आवाजाही पर प्रतिबंध लगाने वाले उपायों का विरोध करने के लिए किया गया।
छात्राओं ने एक बयान में कहा, ‘‘बिहार के जमुई से लेकर राष्ट्रीय राजधानी के कालकाजी इलाके के एक पार्क तक, हम वे महिलाएं हैं जिन्होंने रात में बिना रोशनी वाली सड़कों पर चलते हुए खुद को असुरक्षित महसूस किया है।
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उन्होंने अंधेरा होने के बाद महिलाओं के सार्वजनिक स्थानों पर जाने को लेकर लगाई गई पाबंदियों पर सवाल उठाया और कहा कि ऐसे उपाय सार्वजनिक स्थानों को असुरक्षित बनाने वाली परिस्थितियों को दूर करने के बजाय महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी उन्हीं पर डालते हैं।
छात्राओं ने सड़कों पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था, सार्वजनिक परिवहन की उचित सुविधा और ऐसे उपायों की मांग की, जिनसे महिलाएं बिना किसी डर के सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल कर सकें।
उन्होंने महिलाओं के लिए पढ़ाई और काम करने के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की भी मांग की, ताकि उनकी आवाजाही पर किसी तरह की पाबंदी न हो।
उन्होंने घोषणा की कि मार्च के बाद गार्गी कॉलेज और कमला नेहरू कॉलेज के निकट सीरी फोर्ट रोड पर ‘दिल्ली के नागरिकों की मांगों के चार्टर’ को लेकर विचार-विमर्श किया जायेगा।
Pic Credit : UNI
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