नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित के फेक वीडियो मामले में मंगलवार को अहमदाबाद से दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार दो आरोपियों में एक कांग्रेस विधायक जिग्नेश मेवाणी का पीए और दूसरा आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता है। इसी मामले में एक दिन पहले सोमवार को असम से एक आरोपी गिरफ्तार किया गया था। इस बीच दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटजिक ऑपरेशंस यानी आईएफएसओ की यूनिट ने इस मामले में 16 लोगों को समन भेजा है।
दिल्ली पुलिस ने ने सात आठ राज्यों में लोगों के समन भेजा है। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को 29 अप्रैल को ही समन भेजा जा चुका है। इन सभी लोगों को एक मई को दिल्ली में आईएफएसओ यूनिट में पेश होने के लिए कहा गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिन 16 लोगों को समन भेजा गया उनमें से छह लोग तेलंगाना कांग्रेस के सदस्य हैं, जिनमें मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी को संबंधित दस्तावेज और सबूत के तौर पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस यानी मोबाइल, लैपटॉप लाने को कहा है।
इस फर्जी वीडियो को लेकर मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह ने कहा- कांग्रेस ने उनका फेक वीडियो बनाकर वायरल किया, वह जनता को गुमराह कर रही है। शाह ने असम के गुवाहाटी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने असली और फर्जी वीडियो चला कर दिखाया। गृह मंत्री ने कहा- दूध का दूध पानी का पानी हो गया है। हमारी पार्टी एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण के समर्थन में है। इन समुदायों के आरक्षण पर अगर किसी ने डाका डाला है तो वह कांग्रेस पार्टी ने डाला है।
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