बहलाना और बहकाना

जितने दिन तक लोगों को बहलाना संभव है, बहलाया जाए- जब नजरिया ऐसा हो जाए, तब गुणवत्ता की बात नहीं सूझती।

स्थानीय लोगों के आरक्षण पर हाई कोर्ट की रोक

पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार के स्थानीय लोगों को आरक्षण देने के कानून पर रोक लगा दी है।

प्रमोशन में आरक्षण का पुराना पैमाना लागू रहेगा

नौकरियों में प्रमोशन के दौरान अनुसूचित जाति व जनजाति यानी एससी, एसटी को आरक्षण देने के मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला किया है।

नीट के ऑल इंडिया कोटा में आरक्षण सही

सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में मेडिकल में दाखिले की परीक्षा में परीक्षा में अन्‍य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी के लिए आरक्षण को सही बताया है।

महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को बड़ा झटका दिया है। सर्वोच्च अदालत ने स्थानीय चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी को आरक्षण देने से इनकार कर दिया है।

महाराष्ट्र में निकाय चुनावों में आरक्षण पर रोक

महाराष्ट्र में निकाय चुनावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है।

पंचायत चुनाव पर आरक्षण का पेंच और कोरोना का ग्रहण

पंचायत चुनाव कैसे होंगे कहा नहीं जा सकता। सरकार भी कुआं और खाई के बीच की स्थिति में फंस गई है।

हरयाणा में आरक्षण बना बेहतर

हरयाणा की भाजपा सरकार ने आरक्षण के मामले में साहसिक निर्णय किया है, जो देश की सभी सरकारों के लिए अनुकरणीय है।

मद्रास हाईकोर्ट ने ट्रांसजेंडर लोगों को नौकरियों में आरक्षण की अनुमति दी

याचिका में उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए एक विशेष भर्ती अभियान चलाने के साथ-साथ उनके द्वारा भरी जाने वाली रिक्तियों में एक प्रतिशत आरक्षण देने का निर्देश देने को कहा गय

हरियाणा की नौकरियों में 75 फीसदी आरक्षण

हरियाणा की नौकरियों में अब राज्य के स्थानीय लोगों को 75 फीसदी आरक्षण मिलेगा। राज्य सरकार ने रोजगार कानून, 2020 लागू करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है।

भारत में महिला जजों की कमी

देश के वकीलों में सुयोग्य महिलाओं की कमी नहीं होगी लेकिन दुर्भाग्य है कि देश के 17 लाख वकीलों में मुश्किल से 15 प्रतिशत महिलाएं हैं।

भाजपा को आरक्षण का सहारा

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा का एकमात्र सहारा आरक्षण और जातियों की राजनीति है। देश और धर्म से जो राजनीति शुरू हुई तो वह जातियों तक आ गई है।

मंडल राजनीति का मोदी रूप!

नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी की पारंपरिक राजनीति में एक बुनियादी फर्क है। भारतीय जनता पार्टी दशकों तक एक विचार और एक रणनीति पर अटकी रही। इस लिहाज से उसकी राजनीति स्टैटिक यानी स्थैतिक थी

अब मजहबी आरक्षण का बहाना

पहले जातीय आरक्षण बढ़ाने की मांग उठी, अब धर्म याने मजहब के आधार पर भी आरक्षण की मांग होने लगी है। यह मांग हमारे मुसलमान, ईसाई और यहूदी नहीं कर रहे हैं। यह मांग रखी है राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने।

मेडिकल में पिछड़ों को आरक्षण

सरकार ने मेडिकल की पढ़ाई में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत और आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की है। यह आरक्षण एमबीबीएस, एमडी, एमएस, डिप्लोमा, बीडीएस और एमडीएस आदि सभी कक्षाओं में मिलेगा।

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