मुंबई। मीठी नदी घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभिनेता डिनो मोरिया प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने गुरुवार को पेश हुए। ईडी के दफ्तर पहुंचे अभिनेता से पूछताछ जारी है।
जांच एजेंसी को मिले कुछ अहम सबूतों के आधार पर डिनो मोरिया से सवाल-जवाब किए जा रहे हैं।
घोटाला को लेकर अभिनेता डिनो मोरिया को 7 जून को ईडी ने समन भेजा था। इससे पहले 6 जून को डिनो मोरिया के बांद्रा स्थित आवास पर ईडी ने छापेमारी की थी, जो करीब 14 घंटे तक चली थी।
इसके अलावा, ईडी ने मुंबई और कोच्चि में 15 से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई की, जिसमें डिनो के भाई सैंटिनो, ठेकेदारों और बीएमसी अधिकारियों के परिसर शामिल थे।
जानकारी के अनुसार, डिनो मोरिया के अलावा बीएमसी के सहायक अभियंता प्रशांत रामुगडे समेत अन्य के ठिकानों पर भी ईडी ने छापेमारी की थी।
इसी मामले में अभिनेता 28 मई को आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) जांच अधिकारियों के सामने पेश हुए थे। अधिकारियों ने अभिनेता से लगभग सात घंटे तक पूछताछ की थी, जिसमें उन्होंने कई अहम सवालों के जवाब दिए।
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26 मई को भी डिनो मोरिया से पूछताछ की गई थी। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों के मुताबिक, डिनो मोरिया को इसलिए बुलाया गया, क्योंकि जांच में उनकी और उनके भाई सैंटिनो मोरिया की और इस मामले के मुख्य आरोपी केतन कदम के फोन पर कई बार बातचीत के रिकॉर्ड मिले।
आरोप है कि मीठी नदी की सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाली मशीनें, जैसे कि कीचड़ हटाने वाली और गहरी खुदाई करने वाली मशीन आदि को किराए पर लेने वाले रुपयों का दुरुपयोग हुआ।
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने कोच्चि स्थित कंपनी मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से प्राप्त मशीनों के लिए बढ़ी हुई कीमतें चुकाईं।
जांचकर्ताओं का मानना है कि इस धोखाधड़ी को बीएमसी के कुछ अधिकारी और मैटप्रॉप कंपनी के कर्मचारियों ने मिलकर अंजाम दिया। केतन कदम और उसके साथी जय जोशी ने बीएमसी के पास बढ़ा-चढ़ाकर बिल भेजा, यानी असल कीमत से ज्यादा पैसे मांगे।
इस मामले में डिनो मोरिया को आरोपी नहीं बनाया गया है। लेकिन, पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार व्यक्ति से उनके संबंध को समझना जरूरी है, जिसके चलते उन्हें तलब किया गया है।
Pic Credit : ANI
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