प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में केवल स्टार्टअप इकोसिस्टम को सपोर्ट ही नहीं किया, बल्कि उन्होंने नेतृत्व में भी एक अहम भूमिका निभाई है और देश में जेएएम ट्रिनिटी (जन धन, आधार और मोबाइल) और यूपीआई जैसे मजबूत पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्टर से व्यापार को बढ़ाने में सफलता मिली है। यह बयान स्टार्टअप फाउंडर्स की ओर से गुरुवार को दिया गया है।
हेल्थकेयर स्टार्टअप 1एमजी के सीईओ प्रशांत टंडन ने कहा, “मौजूदा समय में भारत में वह सभी चीजें मौजूद हैं जो एक कारोबारी चाहता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने के बाद देश में स्टार्टअप स्टॉपलाइट में आए हैं, जिससे देश को दुनिया के स्टार्टअप इकोसिस्टम में जगह बनाने में सफलता मिली है।
मौजूदा समय में कारोबारी ही नहीं, बल्कि कॉरपोरेट्स, सरकारें और पूरा देश स्टार्टअप्स को समझ रहा है।
टंडन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने न केवल पूरे इकोसिस्टम को सपोर्ट किया है, बल्कि इसे आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
जब हम भारत के स्टार्टअप सफर और हमें आज इस मुकाम तक पहुंचाने वाले कारकों पर नजर डालते हैं, इसमें जेएएम ट्रिनिटी (जन धन, आधार और मोबाइल) और यूपीआई जैसे मजबूत पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। इनसे देश के उद्यमिता के पूरे इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने में मदद मिली है और कारोबारियों को ऐसे सिस्टम विकसित करने में मदद मिली है, जिनकी देश को आवश्यकता है।
अर्बन कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ अभिराज सिंह बहल ने कहा कि जब हमने अर्बन कंपनी को शुरू किया था, तो देश में केवल एक या दो ही यूनिकॉर्न थे, लेकिन पिछले आठ वर्षों में बड़ा बदलाव आया है। इस दौरान स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विकसित हुई है और 110 यूनिकॉर्न और हजारों स्टार्टअप विभिन्न सेक्टर्स में खड़े हुए हैं। स्टार्टअप इकोसिस्टम के हुए विकास और बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है।
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प्रिस्टिन केयर के सह-संस्थापक हरसिमरबीर सिंह के कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 2015 में न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में दिया गए भाषण ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाने का काम किया है। इसने उन्हें भारत आने के लिए प्रभावित किया है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी में स्टार्टअप के सीईओ वाली सारी विशेषताएं हैं जैसे- जब भी प्रधानमंत्री मोदी कोई समस्या देखते हैं, तो तुरंत उसे सुलझाने में लग जाते हैं। हाल ही में सेमीकंडक्टर का मुद्दा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। जब सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री मुश्किलों का सामना कर रही थी, उसी दौरान देश ने इस सेक्टर में कदम रखा और हमने स्टार्टअप इकोसिस्टम में 20-30 अरब डॉलर निवेश किए हैं।
रेज कॉफी के संस्थापक भरत सेठी ने कहा कि 2016 में प्रधानमंत्री मोदी ने विज्ञान भवन में स्टार्टअप इंडिया मिशन का उद्घाटन किया था। मैं उस अत्यंत महत्वपूर्ण, शानदार कार्यक्रम का साक्षी बनने के लिए वहां मौजूद था। उस समय इस कार्यक्रम ने बहुत से लोगों का ध्यान आकर्षित किया था।
उस दौरान बहुत कम लोग ही वास्तव में यह समझ पाए थे कि क्या होने वाला है, क्योंकि उस समय भारत परिवर्तन के दौर से गुजर रहा था। साथ हीं, आम आदमी के लिए वास्तव में मायने रखने वाली सफलता की कहानियां भी पर्याप्त नहीं थीं।
मुझे लगता है कि हमारी पूरी स्टार्टअप वृद्धि स्टार्टअप इंडिया मिशन की बदौलत हुई है।
Pic Credit : ANI
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