उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने इस वर्ष विधानमंडल (विधानसभा-विधानपरिषद) के दोनों सदनों का तीसरा सत्र तीन अगस्त से बुलाने के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी।
इस सत्र में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक बजट और अन्य विधायी कामकाज पर चर्चा होगी। यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में यहां उनके आवास पर हुई मंत्रिमंडल की बैठक में किया गया।
बैठक के बाद वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने पत्रकारों को बताया कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार विधानसभा और विधानपरिषद दोनों का सत्र तीन अगस्त से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि सरकार सत्र के दौरान वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगें पेश करेगी।
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खन्ना ने कहा कि पिछले सत्र के समापन के बाद जारी अध्यादेशों की जगह विधेयक भी पेश किए जाएंगे और उन्हें पारित कराने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अन्य जरूरी विधायी और सरकारी कामकाज भी होंगे।
विधानसभा का पिछला एक दिवसीय विशेष महिला सत्र 30 अप्रैल को बुलाया गया था और उसी दिन दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी, जबकि औपचारिक रूप से सात मई को सत्रावसान किया गया था।
मंत्री ने कहा कि अगला सत्र बुलाने का फैसला संविधान और उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली और कामकाज के नियमों के अनुरूप है, जिनके अनुसार विधानसभा के दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा का अंतर नहीं होना चाहिए।
खन्ना ने बताया कि तीन अगस्त से शुरू होने वाले सत्र में अनुपूरक बजट, अध्यादेशों की जगह लेने वाले विधेयक पेश किये जायेंगे और अन्य विधायी कामकाज निपटाए जाएंगे।
Pic Credit : ANI
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