गाजियाबाद। गाजियाबाद (Ghaziabad) में लालू यादव (Lalu Yadav) के समधी जितेंद्र यादव (Jitendra Yadav) के घर ईडी (ED) की जांच 16 घंटे तक चली। शुक्रवार सुबह 8 बजे शुरू हुई जांच-पड़ताल रात 12 बजे जाकर पूरी हुई। ईडी टीम तीन बड़े बॉक्स में डॉक्यूमेंट्स भरकर अपने साथ ले गई है। हालांकि ईडी ने अभी तक इस कारवाई को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सूत्रों ने बताया कि ईडी टीम को जितेंद्र यादव (Jitendra Yadav) के घर से कुछ संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। इनके संबंध में परिवार के सदस्यों से पूछताछ चल रही है। कहा जा रहा है कि टीम को कुछ संदिग्ध हाथ लगा है।
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गौरतलब है कि बिहार में लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) के कार्यकाल में हुए लैंड फॉर जॉब स्कैम (Land For Job Scam) से जुड़े मामले में अब उनके करीबियों के यहां ईडी की कार्रवाई चल रही है। गाजियाबाद के आरडीसी राजनगर (RDC Rajnagar) में लालू के समधी जितेंद्र यादव रहते हैं। ईडी की टीम तीन गाड़ियों में शुक्रवार सुबह 8 बजे जितेंद्र यादव के आवास पर पहुंची थी। ईडी की टीम ने परिवार के सभी सदस्यों के फोन अपने कब्जे में लिए थे। लालू यादव के चौथे नंबर की बेटी रागिनी की शादी साल-2012 में जितेंद्र यादव के बेटे राहुल यादव से हुई थी।
जितेंद्र यादव समाजवादी पार्टी के नेता हैं और पूर्व एमएलसी हैं। उनके बेटे राहुल यादव (Rahul Yadav) ने सपा के टिकट पर साल-2017 और 2022 का विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) बुलंदशहर जिले की सिकंदराबाद विधानसभा सीट से लड़ा था, लेकिन दोनों बार हार हुई। विधानसभा चुनाव के वक्त दाखिल हलफनामे के मुताबिक, राहुल के पास करीब 25 करोड़ रुपए की संपत्ति है। राहुल गाजियाबाद में एक रेस्टोरेंट भी चलाते हैं, इसमें रागिनी भी उनका हाथ बंटाती हैं। करीब 5 साल पहले राहुल यादव के खाते से एक करोड़ रुपए राबड़ी देवी के खाते में ट्रांसफर हुए थे, उस वक्त भी उनसे एजेंसियों ने पूछताछ की थी। (आईएएनएस)