आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्ट्रेस, बेचैनी और दिमागी परेशानी आम समस्या बन गई है। अगर आपका मन बार-बार शोरगुल और भारी-भरकम महसूस हो रहा है, तो भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने एक आसान और प्रभावी प्राणायाम का सुझाव दिया है- भ्रामरी प्राणायाम।
विश्व योग दिवस को कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में आयुष मंत्रालय रोजाना नए-नए योगासनों के बारे में जानकारी साझा कर रहा है। मंत्रालय के अनुसार, भ्रामरी प्राणायाम मन को शांत करने, चिंता कम करने और आंतरिक संतुलन में बहुत मददगार साबित होता है। जब मन में अत्यधिक विचारों का शोर चल रहा हो और आप बेचैनी महसूस कर रहे हों, तो भ्रामरी प्राणायाम का नियमित अभ्यास आपके भीतर गहरी शांति स्थापित करने में सहायक हो सकता है।
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योग एक्सपर्ट बताते हैं कि भ्रामरी एक विशेष प्रकार का प्राणायाम है, जिसमें सांस छोड़ते समय भौंरों की तरह “हम्म्म” की ध्वनि निकाली जाती है। इस प्रक्रिया से मस्तिष्क में कंपन पैदा होता है जो तनावग्रस्त नसों को शांत करता है। इससे चिंता, गुस्सा, बेचैनी और नींद की समस्या में भी काफी राहत मिलती है। यह प्राणायाम मन को एकाग्र करने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में प्रभावी माना जाता है।
भ्रामरी प्राणायाम अभ्यास के लिए आराम से सीधे बैठ जाएं। अपनी आंखें बंद करें। अंगूठों से दोनों कान बंद कर लें। गहरी सांस लें और सांस छोड़ते समय “हम्म” की ध्वनि निकालें। इस ध्वनि को जितना संभव हो लंबा खींचें। इसे 5 से 10 बार दोहराएं। रोजाना सुबह या शाम के समय इसका अभ्यास करने से मन की अशांति दूर होती है और एकाग्रता बढ़ती है।
आयुष मंत्रालय का कहना है कि भ्रामरी प्राणायाम कोई जटिल विधि नहीं है। यह घर पर आसानी से किया जा सकता है और किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं पड़ती। जो लोग लगातार तनाव, चिंता या मानसिक थकान महसूस करते हैं, उनके लिए यह प्राणायाम एक प्राकृतिक और सुरक्षित समाधान है। इसके नियमित अभ्यास से न सिर्फ मन शांत होता है, बल्कि ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और नींद भी बेहतर आती है।
Pic Credit : ANI
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