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चिंता और गुस्से से आजादी चाहिए तो अपनी दिनचर्या में शामिल करें शशांकासन

जिंदगी की दौड़ में हम अक्सर जिम्मेदारियों, काम और चिंताओं में इतने उलझ जाते हैं कि अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखने में लापरवाही बरतने लगते हैं। नतीजतन तनाव, थकान और बेचैनी जैसी शारीरिक समस्या उत्पन्न होने लगती हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम अपने शरीर और मन को थोड़ी राहत दें।

योग इसी से बाहर निकलने का एक सरल और प्रभावी उपाय है। योग के कई आसान आसनों में से एक है शशकासन, जो न केवल शरीर को आराम देता है बल्कि मन को भी शांत करता है। यह आसान सा आसन नियमित रूप से करने पर तनाव कम करने और ऊर्जा बढ़ाने में काफी मददगार साबित हो सकता है।

‘शशक’ शब्द संस्कृत में खरगोश कहते हैं और आसन का अर्थ है ‘मुद्रा’, जिस तरह से खरगोश खुद को खतरे से बचाने के लिए खुद को सिकोड़कर शांत हो जाता है, ठीक वैसे ही नियमित तौर पर शशांकासन करने से अभ्यासकर्ता को आराम और शांति का अनुभव मिलता है।

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आयुष मंत्रालय इसे रोजाना करने की सलाह देता है। शशांकासन तनाव, चिंता और गुस्से को कम करने वाला एक प्रभावी योगासन है, जो मन को शांत करता है। यह पीठ के निचले हिस्से, रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन और पाचन तंत्र को सुधारने के साथ-साथ एड्रेनल ग्रंथि को नियंत्रित करने में सहायक है, जिससे यह बच्चों और वयस्कों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।

इसे करना बेहद आसान है। करने के लिए सबसे पहले अभ्यासकर्ता योगा मैट पर व्रजासन में बैठ जाएं (पैर मोड़कर बैठें और रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए)। अब गहरी सांस भरते हुए हाथों को ऊपर की ओर ले जाते हुए शरीर को धीरे-धीरे नीचे की ओर ले जाएं। अब माथे और हाथ की हथेलियों को जमीन पर लगाएं। 

इस पोजीशन पर अपनी सुविधा के अनुसार बैठकर नॉर्मल पोजीशन में आ जाएं। इस आसन को आप 10 से 15 मिनट तक दोहरा सकते हैं। गंभीर पीठ दर्द, उच्च रक्तचाप, हर्निया या गर्दन/घुटने में चोट होने पर यह आसन न करें।

Pic Credit : ANI

By Naya India

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