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‘नींद’ की कमी से बिगड़ सकती है मानसिक और शारीरिक सेहत

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग काम और तनाव के बीच अपनी नींद से समझौता कर रहे हैं। कई लोग कम नींद को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह आदत सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। पर्याप्त नींद नहीं लेने से शरीर और दिमाग दोनों पर बुरा असर पड़ता है। इससे थकान, चिड़चिड़ापन, तनाव, मोटापा और कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अच्छी और पूरी नींद स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा है। इसलिए रोजाना पर्याप्त नींद लेना उतना ही जरूरी है, जितना सही खानपान और व्यायाम। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के अनुसार, लगातार कम नींद लेना कम तन मन दोनों की सेहत पर बुरा असर डालता है।

सवाल है कि पर्याप्त नींद क्यों जरूरी है? तो हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं, नींद सिर्फ आराम नहीं है, बल्कि यह एक स्वस्थ जीवन का आधार है। अच्छी नींद से शरीर की कोशिकाएं रिपेयर होती हैं, इम्युनिटी मजबूत होती है, दिमाग तरोताजा रहता है और पूरे दिन एनर्जी बनी रहती है। रोजाना कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए।

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नींद की कमी सेहत पर सीधा असर डालती है। सबसे पहले तो दिनभर थकान और सुस्ती बनी रहती है। इससे काम करने की क्षमता घटती है और तनाव बढ़ता है। लंबे समय तक कम नींद लेने से वजन अनियंत्रित रूप से बढ़ सकता है क्योंकि इससे भूख नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित होते हैं।

एनएचएम के अनुसार, कम नींद हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ा देती है। ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो सकता है और दिल की धड़कन प्रभावित होती है। डायबिटीज का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। कम नींद से त्वचा पर भी असर पड़ता है, चेहरे पर झुर्रियां, कालापन और सुस्ती नजर आने लगती है। इसके अलावा, मानसिक स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है। चिड़चिड़ापन, डिप्रेशन, चिंता और याददाश्त कमजोर होना जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।

अच्छी नींद के लिए रोजाना तय समय पर सोएं और उठें, रात को स्क्रीन (मोबाइल, टीवी) से दूर रहें। हल्का व्यायाम करें, लेकिन सोने से ठीक पहले नहीं, रात का भोजन हल्का रखें, शांत और अंधेरे वाले कमरे में सोएं। अगर आपको लगातार नींद न आने या थकान महसूस हो रही है तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

Pic Credit : ANI

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By Naya India

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