नई दिल्ली। आधार की परियोजना चलाने वाली यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी यूआईडीएआई ने साफ किया है कि 12 अंकों वाला आधार नंबर किसी चीज का प्रमाण ऩहीं है। यह सिर्फ पहचान का सबूत है। अथॉरिटी ने कहा है कि यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है और आधार कार्ड जन्म तिथि का प्रमाण है। आधार की उपयोगिता को लेकर यूआईडीएआई ने यह स्पष्टीकरण मंगलवार को जारी किया। कुछ दिन पहले तक इसे हर सेवा के लिए जरूरी माना जाता था।
इससे पहले डाक विभाग ने हाल ही में एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया है कि आधार नंबर का इस्तेमाल आधार धारक की पहचान साबित करने के लिए किया जा सकता है, लेकिन यह नागरिकता, निवास प्रमाण या जन्म तिथि का पक्का सबूत नहीं है। इसलिए जन्म तिथि साबित करने के लिए इसे अंतिम रूप से इस्तेमाल न करें। सरकार ने सभी डाकघरों को यह जानकारी सभी संबंधित लोगों तक पहुंचाने और सार्वजनिक जगह पर नोटिस बोर्ड पर लगाने का आदेश भी दिया है।
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