नई दिल्ली। अहमदाबाद विमान हादसे के एक महीने बाद इसकी शुरुआती जांच रिपोर्ट आ गई है। इसमें कहा गया है कि हादसा दोनों इंजन बंद होने की वजह से हुआ है। फ्यूल स्विच ऑफ होने की वजह से दोनों इंजन बंद हुए हो सकते हैं। रिपोर्ट सामने आने के साथ ही इस बात पर बहस भी छिड़ गई है कि हादसा तकनीकी खामी की वजह से हुआ या मानवीय भूल की वजह से हुआ। इसका कारण यह है कि कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में एक पायलट दूसरे से पूछ रहा है कि क्या उसने फ्यूल स्विच बंद किया, जिसके जवाब में दूसरा पायलट कह रहा है कि उसने नहीं बंद किया।
गौरतलब है कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो यानी एएआईबी ने कई एजेंसियों के साथ मिल कर हादसे की जांच की है। इसकी 15 पेज की शुरुआत रिपोर्ट शनिवार, 12 जुलाई को सार्वजनिक की गई। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह हादसा विमान के दोनों इंजन बंद होने की वजह से हुआ था। टेकऑफ के तुरंत बाद एक एक करके दोनों फ्यूल स्विच बंद हो गए थे, इस वजह से दोनों इंजन भी बंद हो गए। रिपोर्ट के मुताबिक बर्ड हिट यानी विमान के पक्षी से टकराने का कोई संकेत नहीं है। इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि फ्यूल टेस्टिंग हुई थी और ईंधन की क्वालिटी में कोई खराबी नहीं मिली है।
कॉकपिट वॉयस की रिकॉर्डिंग से पता चला है कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा था कि क्या उसने स्विच बंद किया है? दूसरे ने जवाब दिया, नहीं। इस बीच मानवीय भूल और तकनीकी खामी को लेकर बहस छिड़ गई है। विमानन सेक्टर के एक जानकार और रिटायर अधिकारी ने कहा कि अगर फ्यूल स्विच ऑफ किया जाता है तो उसके बंद होने की आवाज भी कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर में रिकॉर्ड होती, जो कि नहीं हुई है। इसका मतलब है कि हादसा तकनीकी खामी की वजह से हुआ।
हालांकि दूसरी ओर यह प्रयास भी शुरू हो गया है कि विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग पर कोई आंच नहीं आए। अमेरिकी अखबार ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने एक विशेषज्ञ के हवाले से कहा है कि रिपोर्ट में शामिल सभी प्वाइंट्स प्लेन में तकनीकी खामी नहीं होने और पायलट के चूक की ओर इशारा कर रहे हैं। ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने तो पहले ही पायलटों को दोषी ठहरा दिया था। गौरतलब है कि 12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही उड़ान एआई 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद ही क्रैश हो गया था। विमान एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल की इमारत से टकरा गया थी। इसमें 260 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 241 यात्री और चालक दल के सदस्य शामिल थे। सिर्फ एक यात्री इस हादसे में जिंदा बचा है।
बहरहाल, एएआईबी की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे वाले विमान में दोनों इंजनों के फ्यूल स्विच बंद थे, जिसे बाद पायलटों ने चालू किया और दोनों इंजन को दोबारा शुरू करने की कोशिश की थी। लेकिन विमान बहुत कम ऊंचाई पर था, इसलिए इंजनों को दोबारा ताकत पाने का समय नहीं मिल सका और विमान क्रैश हो गया। हालांकि यह पता नहीं चला है कि फ्यूल स्विच बंद कैसे हुए थे। 15 पन्नों की इस रिपोर्ट के मुताबिक, टेकऑफ से लेकर हादसे तक की पूरी उड़ान करीब 32 सेकेंड ही चली। आरंभिक रिपोर्ट में विमान बनाने वाली कंपनी या उसके इंजन को लेकर किसी विमानन कंपनी के लिए कोई सिफारिश या चेतावनी नहीं जारी की गई है।
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