नई दिल्ली। इजराइल ने ईरान के ऊपर बड़ा हमला किया है। इस बार उसका हमला ईरान की बसीज फोर्स को नुकसान पहुंचाने का था। सोमवार की रात को हुए इस हमले में बताया जा रहा है कि बसीज फोर्स को बड़ा नुकसान हुआ। उसके तीन सौ सैनिक और कमांडो मारे जाने की खबर है। यह भी बताया जा रहा है कि इजराइली हमले में तेहरान के कई कमांड सेंटर, लॉजिस्टिक यूनिट और वाहन डिपो को निशाना बनाया गया, जिससे बसीज की सैन्य क्षमता को बहुत नुकसान पहुंचा है।
ईरान सरकार की ओर से इस पर कुछ नहीं कहा गया है कि तेहरान की मीडिया के मुताबिक इजराइली सेना ने सोमवार को रात भर हमला किया। यह हमला सटीक खुफिया सूचना पर आधारित है और इसके निशाने पर बसीज फोर्स के कमांड सेंटर और उनकी ऑपरेशन यूनिट थी। इससे बसीज फोर्स को बड़ा नुकसान हुआ है और उसकी हमला करने की क्षमता प्रभावित हुई है। गौरतलब है कि बसीज फोर्स का इस्तेमाल ईरान में जन विद्रोह को दबाने के लिए किया जाता रहा है।
बहरहाल, बताया जा रहा है कि सोमवार रात के हमले में तेहरान इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी की एक अगम ईकाई से जुड़े ठिकानों पर भी हमला हुआ। कहा जा रहा है कि आईआरजीसी का कमांड सेंटर ‘इमाम हादी सुरक्षा यूनिट’ भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ। इस बीच ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि पहले अमेरिका और इजराइल से हिसाब लिया जाएगा, उसके बाद ही शांति की बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि ईरान अपने दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा और मौजूदा संघर्ष जल्द थमने वाला नहीं है।
मंगलवार को ईरान ने इन खबरों का खंडन किया कि उसके सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को मॉस्को ले जाया गया है। रूस में ईरान के राजदूत काजेम जलाली ने कहा है कि यह खबर गलत है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में इसका दावा किया गया था लेकिन ईरान ने इसे पूरी तरह से खारिज किया है। ईरान का कहना है कि यह ‘प्रचार’ और ‘मनोवैज्ञानिक युद्ध’ का हिस्सा है। रूस की तरफ से भी इस खबर की कोई पुष्टि नहीं की गई है।


