नई दिल्ली। रसोई गैस के दाम में भारी बढ़ोतरी करके आम जनता पर बोझ बढ़ाने के साथ ही सरकार ने निजी पेट्रोलियम कंपनियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने उनके ऊपर लगने वाले विंडफॉल गेन टैक्स यानी निर्यात पर लगने वाले अतिरिक्त उत्पाद शुल्क को घटा दिया है। कहा गया है कि एक मई से अगले 15 दिनों के लिए डीजल निर्यात पर लगने वाली स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी घटा कर 23 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है। अप्रैल में यह 55.5 रुपए थी।
इस तरह केंद्र सरकार ने निर्यात पर लगने वाले शुल्क में एक बार में 32 रुपए प्रति लीटर की कमी कर दी है। शुल्क कम होने से भारत की निजी रिफाइनिंग कंपनियों जैसे रिलायंस और नायरा को विदेशी बाजारों में ईंधन बेचना सस्ता पड़ेगा, जिससे उनके मुनाफे में बड़ी बढ़ोतरी होगी। वित्त मंत्रालय ने साफ किया है कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर आयात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है, इसलिए आम जनता के लिए ईंधन की कीमतें कम नहीं होंगी।
इसके अलावा केंद्र सरकार ने एटीएफ यानी एयर टरबाइन फ्यूल पर लगने वाले स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को घटा कर 33 रुपए प्रति लीटर कर दिया है। अप्रैल में यह 42 रुपए थी। इसके साथ ही पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईंधन की परिभाषा बदलते हुए एटीएफ में सिंथेटिक फ्यूल की ब्लेंडिंग की अनुमति दे दी है। एटीएफ में सिंथेटिक मिश्रण की अनुमति मिलने से विमानन सेक्टर में पर्यावरण के अनुकूल और वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।
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