मुंबई। महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता और राज्य सरकार के मंत्री छगन भुजबल का हेलीकॉप्टर शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल बाल बचा। पायलट ने उनका हेलीकॉप्टर पुणे के पुरंदर इलाके में हेलीपैड की बजाय कार पार्किंग में उतरा। हेलीपैड वहां से एक किलोमीटर दूर था। बताया जा रहा है कि पायलट को हेलीपैड नहीं दिखाई दे रहा था। गौरतलब है कि इसी साल जनवरी महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान क्रैश हो गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई।
बहरहाल, शनिवार को पुणे प्रशासन ने बताया कि छगन भुजबल के हेलीकॉप्टर के लिए हेलीपैड तैयार किया गया था, लेकिन पायलट ने पार्किंग की खाली जगह को लैंडिंग साइट समझ लिया। असल में भुजबल पुणे में महात्मा ज्योतिबा फुले की दो सौवीं जयंती कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। उनका हेलीकॉप्टर सरकारी नहीं था, बल्कि किराए का था। लैंडिंग का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पार्किंग में कई कारें कतार में खड़ी थीं। वहीं गाड़ियों के सामने पायलट ने हेलीकॉप्टर उतार दिया। घटना में किसी के घायल होने या नुकसान की जानकारी नहीं है।
इस घटना के बाद भुजबल ने कहा कि कोई हादसा नहीं हुआ है। सभी लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि हेलीकॉप्टर पार्किंग एरिया में इसलिए उतरा क्योंकि हेलीपैड दिखाई नहीं दे रहा था। सुरक्षा एजेंसियों ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि यह गलती तकनीकी खराबी या मानवीय त्रुटि के कारण हुई थी। पुणे ग्रामीण पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि वे इस मामले की रिपोर्ट नागरिक विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए को दी जाएगी। यह भी कहा जा रहा है कि पायलट के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश होगी।


