नई दिल्ली। गुरुवार को राज्यसभा में बजट पर चर्चा हुई, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने भाषण में कांग्रेस पर निशाना साधा और सरकार के वित्तीय अनुशासन की तारीफ की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गुरुवार को राज्यसभा में मौजूद रहे। प्रधानमंत्री जब सदन में पहुंचे तो सदस्यों ने उनके नाम के नारे लगा कर उनका स्वागत किया। अपने भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार करदाताओं का पैसा जिम्मेदारी से खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र के पास ‘पैसों का कोई तालाब’ नहीं है।
निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस पर निशाना साधाते हुए कहा, ‘2004-14 और 2014-25 की तुलना से साफ है कि पैसों का सही इस्तेमाल हुआ है और मोदी सरकार में राजकोषीय घाटा कम हुआ है’। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस महंगाई पर सिर्फ मगरमच्छ के आंसू बहाती है। उसे खर्च की चिंता है, जबकि हमें नतीजों की। 2014 के बाद डीबीटी से गलत भुगतान रुके और करीब 48 लाख करोड़ रुपए सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचाए गए’।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार देश में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य क्षेत्र पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, लेकिन सरकार भारत को वर्ल्ड हेल्थकेयर डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है’। वित्त मंत्री के राज्यसभा में जवाब के दौरान कुछ विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया। इस पर उप राष्ट्रपति ने उन्हें टोक कर नियमों का हवाला दिया।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि वे वित्त मंत्री को ध्यान से सुन रहे हैं, लेकिन तमिलनाडु के कर्ज को लेकर गलत जानकारी दी जा रही है। खड़गे ने कहा, ‘राज्य में चुनाव हैं और एआईएडीएमके के नेता, जिनका इस सदन से कोई संबंध नहीं है, उनके बयान दोहराए जा रहे हैं’। इस पर भी उप सभापति सीपी राधाकृष्णन ने जवाब दिया। बहरहाल, प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब की तारीफ की। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने इस साल के बजट से देश के आर्थिक बदलाव में कैसे योगदान मिलेगा, इसकी पूरी तस्वीर दी है।
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