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जीडीपी के आंकड़ों पर सफाई

नई दिल्ली। देश के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की विकास दर के आंकड़े जारी होने के दो दिन के बाद केंद्र सरकार ने इस पर उठ रहे सवालों के जवाब दिए हैं। सरकार ने बुधवार को कहा कि आंकड़े पूरी तरह से दुरुस्त हैं और उनसे कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। सरकार ने यह भी बताया है कि ये आंकड़े नई सीरीज पर आधारित हैं इसलिए पिछले आंकड़ों से इसकी तुलना नहीं होनी चाहिए। गौरतलब है कि केंद्र सरकार के सांख्यिकी विभाग ने 31 अगस्त को बताया था कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में विकास दर 7.8 फीसदी रही है।

गौरतलब है कि सरकार की ओर से आंकड़े जारी होने के बाद कई लोगों ने इस पर सवाल उठाए थे। भारत सरकार के वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने आंकड़ों के हवाले से बताया था कि जीडीपी विकास का वास्तविक आंकड़ा 2.6 फीसदी है। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने भी सरकार के दावे पर सवाल उठाए थे। इनका नाम लिए बगैर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि आंकड़ों पर सवाल उठाने वाले बेरोजगार लोग हैं।

बहरहाल, वित्त मंत्रालय ने जीडीपी आंकड़ों पर उठे सवालों का जवाब देते हुए बुधवार को कहा कि 31 अगस्त को जारी किए गए आंकड़े एकदम दुरुस्त हैं और इसमें अर्थव्यवस्था आकलन के सर्वमान्य तरीकों का इस्तेमाल किया गया है। बुधवार शाम को वित्त मंत्रालय ने जीडीपी डाटा संकलन से जुड़े सारे आंकड़ों को सामने रखा। इसके अलावा एसबीआई की रिसर्च टीम ने भी एक रिपोर्ट जारी, जिसमें बताया कि कैसे अर्थव्यवस्था के पुराने आंकड़ों को समय समय पर संशोधित करना एक सामान्य प्रक्रिया है।

वित्त मंत्रालय ने कहा है कि पिछले साल की पहली तिमाही की मौजूदा कीमतों पर जीडीपी पहले 86.05 लाख करोड़ रुपए आंकी गई थी। यह आंकड़ा पुरानी 2011-12 सीरीज का था। फरवरी 2026 में नई 2022-23 आधार वर्ष सीरीज लागू हुई। नई पद्धति, बेहतर डेटा और संशोधित कवरेज के कारण वही आंकड़ा घट कर 80.32 लाख करोड़ रुपए रह गया। मंत्रालय के कहा कि यह जान बूझकर की गई कटौती नहीं, बल्कि सीरीज संशोधन का नतीजा है। पु

वित्त मंत्रालय ने आगे कहा है कि पुरानी 2011-12 शृंखला का 86.05 लाख करोड़ रुपए का आंकड़ा नई 2022-23 सीरीज के मौजूदा आंकड़ों से सीधे नहीं जोड़ा जा सकता। विकास दर हमेशा एक ही और नई सीरीज के आंकड़ों से निकाली जाती है। इसलिए वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के 88.27 लाख करोड़ रुपए की तुलना पुराने 86.05 लाख करोड़ से नहीं, बल्कि नई सीरीज में संशोधित राशि से होनी चाहिए।

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By NI Desk

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