नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि उनकी पार्टी अडानी का मुद्दा नहीं छोड़ने जा रही है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी संसद के शीतकालीन सत्र में अडानी के मसले पर चर्चा की मांग करती रहेगी। शीतकालीन सत्र के 12वें दिन बुधवार को उन्होंने राहुल ने दो टूक अंदाज में कहा- हम अडानी मुद्दे पर चर्चा नहीं छोड़ेंगे। राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से भी मुलाकात की और कार्यवाही से अपमानजनक बातें हटाने की मांग की। गौरतलब है कि भाजपा के कई सांसदों ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘देश विरोधी’ और ‘गद्दार’ तक कहा है।
बहरहाल राहुल गांधी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा- हमारा मकसद है कि संसद चले, सदन में चर्चा हो। वे मुझे क्या कहते हैं, ये मायने नहीं रखता। हम चाहते हैं कि 13 दिसंबर को संविधान पर चर्चा हो। उधर, राज्यसभा में सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर हंगामा हुआ। राज्यसभा पहले 12 बजे तक, फिर 12 दिसंबर तक स्थगित कर दी गई। उससे पहले राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि जॉर्ज सोरोस और सोनिया गांधी का क्या संबंध है, ये सामने आना चाहिए।
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भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा- दो दिन से हमारे लोग इस बात को उठा रहे हैं कि जॉर्ज सोरोस और सोनिया गांधी का क्या संबंध है। देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा का सवाल है। यह देश की संप्रभुता पर भी प्रश्नचिन्ह है। हम सोरोस पर इसलिए बात करना चाहते हैं, क्योंकि हम आम आदमी के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव की आलोचना करते हुए कहा- चेयर पर आरोप लगाकर अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया। यह मुद्दे को भटकाने के लिए कुत्सित प्रयास है।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने सभापति जगदीप धनखड़ा का बचाव करते हुए कहा- 72 साल बाद किसान का बेटा उप राष्ट्रपति बना। ऐसा सभापति मिलना मुश्किल है। विपक्ष ने सदन की गरिमा गिराई है। जॉर्ज सोरोस और कांग्रेस के बीच रिश्ता क्या है, उन्हें ये बताना चाहिए। कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए।
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Image Source: ANI


