नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने मीडिया से कहा है कि वह सैन्य अधिकारियों को बारे में रिपोर्टिंग करते हुए सावधानी बरते। इसके लिए मंत्रालय की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। इसमें रक्षा मंत्रालय ने मीडिया के साथ साथ लोगों से भी अपील की है कि सैन्य अधिकारियों और उनके परिवारों की गोपनीयता का सम्मान करें। सरकार ने एडवाइजरी में कहा है, ‘सेवारत या रिटायर सैन्य अधिकारियों के निजी आवासों की कवरेज या परिवारों से इंटरव्यू करने से बचें’।
मंत्रालय ने कहा है कि जब तक आधिकारिक तरीके से इसका बुलाया नहीं गया हो या इजाजत न दी गई हो, तब तक आवासीय पते, परिवार के सदस्यों की तस्वीरें या अन्य निजी ब्योरों का छापने या प्रसारित करने से बचें। रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान और उसके बाद सैन्य गतिविधियों से जुड़ी जानकारी देने के लिए समय समय पर कई अधिकारी मीडिया के सामने आए। इन अधिकारियों को लेकर हो रही लगातार कवरेज उनके परिवारों के लोगों और निजी जिंदगी तक पहुंच गई’।
इसमें कहा गया, ‘मीडियाकर्मियों ने कथित तौर पर उनके आवास पर जाकर उनके परिवार के सदस्यों से संपर्क साधने की कोशिश की। इसके अलावा सेना के अधिकारियों के परिवार से आधिकारिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत मुद्दे पर कवरेज की गई’। गौरतलब है कि 10 मई को भारत पाकिस्तान के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद सोशल मीडिया में विदेश सचिव विक्रम मिस्री और उनकी पत्नी व बेटी की तस्वीरें साझा की गईं और उनके ऊपर कमेंट्स किए गए। बाद में विदेश सचिव ने अपने अकाउंट को प्राइवेट किया।
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