चेन्नई। फिल्म स्टार विजय को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने के कांग्रेस के ऐलान के बाद कांग्रेस और डीएमके का अलायंस टूट गया है। कांग्रेस से नाराज डीएमके ने गठबंधन खत्म करने का ऐलान किया है। साथ ही डीएमके ने लोकसभा में कांग्रेस सांसदों के साथ नहीं बैठने का फैसला भी किया है। सांसद कनिमोझी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिख कर बैठने की व्यवस्था बदलने की मांग की है। कनिमोझी ने कहा कि बदलते हालातों में कांग्रेस सांसदों के साथ बैठना उचित नहीं है।
गौरतलब है कि लोकसभा में 22 सांसदों वाली डीएमके, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक की चौथी सबसे बड़ी पार्टी है। डीएमके नेताओं ने कांग्रेस पर ‘पीठ में छुरा घोंपने’ का आरोप लगाया है। पार्टी प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा कि कांग्रेस को तमिलनाडु में जो पांच सीटें मिलीं, वह डीएमके गठबंधन की वजह से मिलीं। उनका दावा है कि गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाती। दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि उसने तमिलनाडु की जनता के जनादेश का सम्मान करते हुए टीवीके का समर्थन किया है और यही जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका है।
इस बीच विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ब्लॉक की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने तीसरी सबसे बड़ी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी से मुलाकात की। उन्होंने यह भी कहा कि वे ऐसे नेता नहीं हैं, जो मुश्किल में साथ छोड़ दें। उनके तंज कांग्रेस के ऊपर था। गौरतलब है कि अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव होने वाला है।
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