मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद ऐलान किया कि ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर बरकरार रखा है। ब्याज दरों में बदलाव नहीं होने का मतलब है कि लोन की किस्तों में कोई बदलाव नहीं होगा। आरबीआई ने इसके साथ ही महंगाई की दर में थोड़ी बढ़ोतरी होने की संभावना जताई और कहा कि विकास दर भी बढ़ेगी। रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की विकास दर का अनुमान 7.30 से बढ़ा कर 7.40 फीसदी कर दिया है।
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार, छह फरवरी को मौद्रिक नीति समिति की मीटिंग में हुए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समिति ने ब्याज दरों में बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि भारत के केंद्रीय बैंक ने दिसंबर में ब्याज दर 0.25 घटा कर 5.25 फीसदी किया था। ध्यान रहे रेपो रेट पर ही रिजर्व बैंक कॉमर्शियल बैंकों को कर्ज देता है। इसके कम होने से ग्राहकों को सस्ता कर्ज मिलता है।
पिछले साल फरवरी में ब्याज दरों को 6.5 से घटा कर 6.25 किया गया था। मौद्रिक नीति समिति ने करीब पांच साल बाद यह कटौती की थी। दूसरी बार अप्रैल में हुई मीटिंग में भी ब्याज दर 0.25 घटाई गई। जून में तीसरी बार रिजर्व बैंक ने दरों में 0.50 कटौती की। इसके बाद दिसंबर में 0.25 की कटौती हुई, जिसके बाद ब्याज दरें 5.25 फीसदी
बहरहाल, रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने इस बार की बैठक में एक नया फ्रेमवर्क लाने का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत छोटे अमाउंट वाले फ्रॉड ट्रांजैक्शन में नुकसान झेलने वाले ग्राहकों को 25 हजार तक का मुआवजा दिया जाएगा। महंगाई को लेकर रिजर्व बैंक ने कहा कि स्थिति फिलहाल राहत भरी है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 के लिए खुदरा महंगाई दर के अनुमान को दो से बढ़ा कर 2.1 फीसदी कर दिया गया है।


