नई दिल्ली। अमेरिका की ओर से एकतरफा युद्धविराम बढ़ाए जाने के बावजूद पश्चिम एशिया में तनाव कम नहीं हो रहा है। ईरान होर्मुज की खाड़ी पर अपना नियंत्रण बनाए हुए है। उसने होर्मुज की खाड़ी के निकल रहे तीन जहाजों को रोक कर उन पर कब्जा कर लिया है। इसमें एक जहाज भारत आ रहा था। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड यानी आईआरजीसी ने होर्मुज की खाड़ी में इस जहाज को रोक कर कब्जे में ले लिया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि जहाज बिना इजाजत होर्मुज से गुजरने की कोशिश कर रहा था।
लाइबेरिया के फ्लैग वाला एपामिनोडेस नाम का यह कंटेनर शिप गुजरात के मुंद्रा पोर्ट की ओर जा रहा था। ईरानी नौसेना के मुताबिक जहाज के नेविगेशन सिस्टम में छेड़छाड़ की गई थी, जिससे समुद्री सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। आईआरजीसी के जवानों ने जहाज को रोक कर उसे अपने कब्जे में लिया और तट की ओर ले गए। इसके अलावा इजराइल से जुड़े फ्रांसेस्का नाम के दूसरे जहाज को भी आईआरजीसी ने कब्जे में लिया है। तीसरा जहाज यूफोरिया है, जिस पर हमला भी किया गया है।
इससे पहले खबरें आई थीं कि एक जहाज पर ईरान के पास फायरिंग हुई, जबकि दूसरा ओमान के तट के पास हमले में क्षतिग्रस्त हुआ था। जहाजों पर कब्जा करने के बाद ईरान ने कहा है कि इस समुद्री रास्ते की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। आईआरजीसी की ओर से कहा गया है कि एमएससी फ्रांसेस्का और एपामिनोडेस नाम के जहाजों पर कार्रवाई की गई। इन पर बिना अनुमति संचालन करने और नेविगेशन सिस्टम से छेड़छाड़ कर समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप है। इससे पहले खबरें आई थीं कि इन जहाजों पर फायरिंग भी हुई थी।
गौरतलब है कि ईरान ने साफ किया है कि होर्मुज से कोई भी जहाज उसकी अनुमति के बगैर नहीं गुजरेगा। दूसरी ओर अमेरिका ने होर्मुज की खाड़ी के बाहर नाकाबंदी की है और वह होर्मुज से आने वाले जहाजों की जांच कर रहा है। इसी मसले पर दोनों देशों के बीच वार्ता में गतिरोध बना हुआ है। ईरान का कहना है कि अमेरिका नाकाबंदी नहीं हटाएगा तो युद्धविराम की वार्ता आगे नहीं बढ़ पाएगी।


