पटना। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले हुए एक निजी विवाद के बाद अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को पार्टी और परिवार से निकालने की घोषणा कर चुके लालू प्रसाद ने चुनाव बाद उनको फिर से अपनाने का ऐलान किया है। बुधवार, 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर तेजप्रताप ने आवास पर दही-चूड़ा भोज रखा है। लालू यादव इस भोज में पहुंचे। वहां उन्होंने कहा कि वे तेजप्रताप से नाराज नहीं है। इसके साथ ही लालू प्रसाद ने यह भी कहा कि तेज प्रताप परिवार के साथ ही रहें।
तेजप्रताप के भारतीय जनता पार्टी में जाने के सवाल पर लालू प्रसाद ने कहा कि बेटे को हमेशा आशीर्वाद रहेगा। गौरतलब है कि करीब आठ महीने पहले तेजप्रताप की अपनी एक महिला मित्र के साथ फोटो सामने आने के बाद लालू ने तेजप्रताप को घर और पार्टी से निकाला था।
बहरहाल, तेजप्रताप के दही-चूड़ा भोज में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद, बड़े मामा प्रभुनाथ यादव, साधु यादव और चेतन आनंद भी पहुंचे। राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव इस भोज में शामिल नहीं हुए। भोज के दौरान तेजप्रताप यादव ने कहा कि तेजस्वी राजद का विलय जनशक्ति जनता दल में कर दें। लालू प्रसाद की असली पार्टी जेजेडी ही है। उन्होंने कहाकि जनशक्ति जनता दल बंगाल चुनाव लड़ेगी।
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा भी तेजप्रताप के दही-चूड़ा भोज में पहुंचे थे। इससे पहले मंगलवार को विजय सिन्हा ने अपने आवास पर दही-चूड़ा भोज रखा। इस भोज में तेजप्रताप यादव भी शामिल हुए थे। बुधवार को तेजप्रताप के भोज में जनता दल यू की ओर से वरिष्ठ मंत्री अशोक चौधरी शामिल हुए।


