कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को एक और चिट्ठी लिखी है। यह उनकी चौथी चिट्ठी है। ममता ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान 77 लोगों की मौत हुई है। दो पन्नों की इस चिट्ठी में उन्होंने एसआईआर के नाम पर आम नागरिकों को लगातार परेशान जाने का आरोप लगाया है।
ममता बनर्जी ने चिट्ठी में लिखा, टएसआईआर की प्रक्रिया में मानवीय संवेदनशीलता नहीं दिखी। 77 लोगों की मौत, चार आत्महत्या के प्रयास और 17 लोगों के बीमार होने की वजह एसआईआर प्रक्रिया रही। लोगों में डर रहा, दबाव रहा। एसआईआर बिना तैयारी कराया गया’। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन जैसे बुजुर्ग और सम्मानित लोगों से भी पहचान साबित करने को कहा गया। इसी तरह कवि जॉय गोस्वामी, अभिनेता व सांसद दीपक अधिकारी और क्रिकेटर मोहम्मद शमी को भी इस प्रक्रिया का सामना करना पड़ा।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद बनी मसौदा सूची में 58.20 लाख नाम कट गए हैं। मसौदा सूची से पहले राज्य में 7.66 करोड़ थे, जबकि एसआईआर के बाद 7.08 करोड़ मतदाता बचे हैं। जिन 58.20 लाख मतदाताओं के नाम कटे हैं उनमें से 24.17 लाख मृत पाए गए, 1.38 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, 32.65 लाख मतदाता स्थायी रूप से शिफ्ट कर गए थे। इनके अलावा कुछ लापता और अन्य थे। इसके बाद 32 लाख लोगों को अनमैप्ड बता कर नोटिस जारी किया गया है।


