नई दिल्ली। मलयालम सिनेमा के सुपर सितारे मोहनलाल को भारतीय सिनेमा में उनके अमूल्य योगदान के लिए दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। मोहनलाल को 2023 के दादा साहेब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया है। उनके चयन की घोषणा सूचना व प्रसारण मंत्रालय की ओर से शनिवार को की गई। भारतीय सिनेमा का यह सबसे प्रतिष्ठित सम्मान मिलने की घोषणा के बाद मोहनलाल ने कहा, ‘यह मेरे लिए गर्व का क्षण है। मैं अपने दर्शकों और उन सभी निर्देशकों, लेखकों का आभारी हूं, जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया। यह सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि पूरी मलयालम फिल्म इंडस्ट्री का है’।
गौरतलब है कि चार दशक से भी ज्यादा लंबे करियर में मोहनलाल ने साढ़े तीन सौ से अधिक फिल्मों में अभिनय किया है। उन्होंने 1980 के दशक में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। मोहनलाल न सिर्फ मलयालम बल्कि तमिल, तेलुगू और हिंदी फिल्मों में भी अपनी अदाकारी का जादू बिखेर चुके हैं। उन्हें पांच बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और पद्म भूषण जैसे सम्मान भी मिल चुके हैं।
मोहनलाल को पुरस्कार मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘दशकों तक फैले अपने समृद्ध फिल्मी और नाट्य सफर से मोहनलाल ने न केवल मलयालम सिनेमा, बल्कि थिएटर को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। वे केरल की संस्कृति के सच्चे ध्वजवाहक हैं और तेलुगू, तमिल, कन्नड़ और हिंदी फिल्मों में भी अपने अद्भुत अभिनय से अमिट छाप छोड़ चुके हैं। दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित होने पर उन्हें हार्दिक बधाई’। गौरतलब है कि अगले साल अप्रैल में केरल में विधानसभा के चुनाव भी होने वाले हैं। मलयालम फिल्मों के एक अन्य बड़े अभिनेता सुरेश गोपी भाजपा के सांसद हैं और केंद्र में मंत्री हैं।
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