नई दिल्ली। होरमुज की खाड़ी से तेल और गैस के तीन जहाज भारत पहुंचने क बाद अब रूस और अमेरिका से भी तेल व गैस के टैंकर भारत पहुंचे हैं। गौरतलब है कि सोमवार, 23 मार्च से सरकार कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति बढ़ाने वाली है और इसे संकट से पहले की सप्लाई की तुलना में 50 फीसदी करना है। उससे पहले रविवार को अमेरिका के टेक्सास से एलपीजी लेकर एक कार्गो शिप रविवार को मेंगलुरु पोर्ट पर पहुंचा। वहीं रूस से एक जहाज कच्चा तेल लेकर भारत आया है।
पिछले सात दिन में कच्चा तेल और गैस लेकर पांच जहाज भारत पहुंचे हैं। उम्मीद की जा रही है कि इससे तेल व गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। अमेरिका और रूस से कच्चा तेल और गैस पहुंचने से पहले 18 मार्च को कच्चा तेल लेकर टैंकर ‘जग लाडकी’ गुजरात में अडानी पोर्ट पर पहुंचा था। उससे पहले 16 और 17 मार्च को दो अन्य एलपीजी कैरियर एमटी शिवालिक और एमटी नंदा देवी करीब 92,712 मीट्रिक टन गैस लेकर भारत आए थे। ये तीनों जहाज होरमुज के रास्ते से होकर गुजरे थे।
गौरतलब है कि फारस की खाड़ी में अब भी करीब 22 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं। वे सभी सुरक्षित हैं। लेकिन होरमुज की खाड़ी से होकर ही उनको भारत आना है। ध्यान रहे होरमुज की खाड़ी से दुनिया भर के करीब 20 फीसदी तेल की सप्लाई होती है। भारत का करीब 40 फीसदी तेल इसी रास्ते से आता है। इसलिए इसके बंद होने का भारत पर बहुत बड़ा असर पड़ रहा है। इसकी वजह से भारत को कॉमर्शियल गैस की सप्लाई बंद करनी पड़ी थी। बाद में उसे चालू किया गया तो आपूर्ति सिर्फ 30 फीसदी थी। अब 23 मार्च से राज्यों को पहले के मुकाबले 20 फीसदी ज्यादा गैस दी जाएगी। इसके लिए सरकार को उत्पादन और बढ़ाना होगा साथ ही आयात को निर्बाध रूप से चालू रखना होगा।


