नई दिल्ली। विपक्षी पार्टियां शुक्रवार को सड़क पर संसद की बैठक करेंगी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग चलाएंगी। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर रद्द कराने के लिए एक नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली से पहले विपक्षी पार्टियां मॉक पार्लियामेंट बैठाएंगी और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ वोट चोरी के आरोप में महाभियोग चलाएंगी।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां दिल्ली के रामलीला मैदान में या किसी अन्य सार्वजनिक जगह पर महाभियोग चलाना चाहती हैं लेकिन उसकी मंजूरी नहीं मिली। उसके बाद पार्टियों ने तय किया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के सरकारी आवास 10, राजाजी मार्ग पर मॉक पार्लियामेंट बैठेगी और महाभियोग चलाया जाएगा। यह बैठक शुक्रवार को दोपहर बाद साढ़े तीन बजे होगी। इसमें राहुल गांधी सहित ‘इंडिया’ ब्लॉक में शामिल विपक्ष की दूसरी सभी पार्टियों के बड़े नेता शामिल होंगे।
मॉक पार्लियामेंट और पब्लिक महाभियोग के जरिए विपक्ष ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए गए जा वोट चोरी के आरोपों को प्रमाणित करना चाहती है। पहले भी विपक्षी पार्टियां इस तरह के काम करती रही हैं। माना जा रहा है कि शुक्रवार की बैठक में विपक्ष की ओर से ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी के आरोप लगाए जाएंगे और सुनवाई के बाद आरोपों को प्रमाणित करके उनको पद से हटाया जाएगा। इसका मकसद ज्ञानेश कुमार के ऊपर इस्तीफे का दबाव बनाना है।
गौरतलब है कि ‘इंडिया’ ब्लॉक के नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर रद्द करने की मांग को लेकर छह से 13 अक्टूबर के बीच आठ बार प्रदर्शन कर चुके हैं। राहुल गांधी के साथ विपक्षी नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च किया था और अदालत में याचिका में दायर की थी। इसके बाद भी किसी न किसी रूप में विपक्ष का प्रदर्शन जारी है।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार, 27 अक्टूबर को दिल्ली के त्रिलोकपुरी इलाके में गए थे, जहां वे ‘वोट अधिकार, जीने का अधिकार’ नाम से हुई जन सुनवाई में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि गरीबों के नाम जान बूझकर मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। राहुल ने कहा, ‘हम लंबे समय से यह मुद्दा उठाते रहे हैं, लेकिन अब पूरा देश समझने लगा है कि टॉप लेवल से वोट चोरी हो रही है’।
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