नई दिल्ली। जी-7 सम्मेलन में हिस्सा लेने कनाडा पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से नहीं हो पाई क्योंकि ट्रंप पहले ही सम्मेलन छोड़ कर अमेरिका वापस लौट गए थे। लेकिन बुधवार को दोनों नेताओं के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बुधवार को इस बातचीत का ब्योरा दिया और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बताया और कहा कि भारत ने पाकिस्तान के अनुरोध करने पर सीजफायर किया था। बताया गया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने मोदी को अमेरिका से होकर जाने को कहा लेकिन मोदी ने मना कर दिया। मोदी ने ट्रंप को क्वाड सम्मेलन में आने का न्योता दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।
बहरहाल, मिसरी ने कहा कि बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े किसी भी विषय में व्यापार से संबंधित कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान के कहने पर ही भारत ने सीजफायर किया था। भारत कभी किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं करता और आगे भी नहीं करेगा। मिसरी के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप से बातचीत में जोर देकर कहा कि अब भारत आतंकवाद की घटनाओं को प्रॉक्सी वॉर नहीं, एक्ट ऑफ वॉर बल्कि सीधे युद्ध की कार्रवाई के रूप में देखेगा। भारत का ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है।
विदेश सचिव ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी की तरफ से विस्तार में बताई गई बातों को समझा और आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई के प्रति समर्थन जताया। दोनों के बीच करीब 35 मिनट तक बातचीत हुई। गौरतलब है कि 22 अप्रैल को पहलगाम हमले के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने फोन पर प्रधानमंत्री मोदी से बात करके शोक संवेदना जताई थी। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर कराने के ट्रंप के बार बार के दावों के बाद पहली बार दोनों नेताओं के बीच वार्ता हुई थी।
मिसरी ने बुधवार को मोदी और ट्रंप की वार्ता की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप को यह स्पष्ट रूप से कहा कि 22 अप्रैल के बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का अपना दृढ़ संकल्प पूरी दुनिया को बता दिया था। भारत ने छह और सात मई की रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सिर्फ आतंकवादी ठिकानों को ही निशाना बनाया था। विदेश सचिव ने कहा कि ट्रंप और मोदी ने इजराइल व ईरान युद्ध पर भी चर्चा की। क्वाड की अगली बैठक के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप को भारत यात्रा का न्योता दिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने न्योता स्वीकार करते हुए कहा कि वे भारत आने के लिए उत्सुक हैं।