नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण इस साल के सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। पिछले छह दिन से लगातार दिल्ली की हवा गंभीर और बेहद गंभीर बनी हुई है। सोमवार की सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 481 रिकॉर्ड किया गया। अशोक विहार और बवाना इलाके में सबसे ज्यादा 495 एक्यूआई दर्ज किया गया। अगर एनसीआर की बात करें तो गुरुग्राम में एक्यूआई 576 तक पहुंच गया।
प्रदूषण के चलते दिल्ली के ज्यादातर इलाकों में सुबह से लेकर दिन भर धुंध छाई रही। धुएं और धुंध की वजह से पालम सहित कई इलाकों में विजिबिलिटी घटकर डेढ़ड सौ मीटर रह गई। इस वजह से विमानों का परिचालन प्रभावित हुआ। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर एक सौ से ज्यादा विमानों का परिचालन प्रभावित हुआ। विमान हवा चक्कर काटते रहे और लैंडिंग संभव नहीं होने पर उनको डायवर्ट किया गया। सुबह में एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट की 15 उड़ानों को डायवर्ट किया गया। इनमें से 13 उड़ानें जयपुर और एक देहरादून गईं।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट, सीएक्यूएम ने सोमवार, 18 नवंबर 2024 की सुबह आठ बजे से दिल्ली और एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी ग्रैप का चौथा चरण लागू कर दिया है। साथ 10वीं और 12वीं को छोड़ कर सभी कक्षाओं की पढ़ाई ऑनलाइन कराने को कहा गया है। 10वीं और 12वीं के बच्चों के लिए मास्क जरूरी कर दिया गया है। ग्रैप का चौथा चरण लागू होने साथ ही कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं। हालांकि सोमवार को इसका कोई असर नहीं हुआ। बहरहाल, बच्चों, बुजुर्गों, सांस और दिल के मरीजों, पुरानी बीमारियों से पीड़ितों को घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।
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