नई दिल्ली। भारत के पड़ोसी देशों में भूटान एकमात्र देश है, जिसके साथ संबंध अपेक्षाकृत मित्रवत हैं। दोनों देशों के बीच एक सांस्कृतिक जुड़ाव भी है। भारत सरकार इस जुड़ाव को अब और मजबूत करने जा रही है। सरकार ने भारत और भूटान के बीच पहली बार रेल सेवा शुरू करने का फैसला किया है। इसके लिए दो रेल लाइनें बिछाने की घोषणा की गई है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
विदेश सचिव मिस्री ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि ये दोनों रेल लाइनें असम के कोकराझार से भूटान के गेलेफू और पश्चिम बंगाल के बनरहाट से भूटान के सामत्से तक बिछाई जाएंगी। अभी ट्रेन पश्चिम बंगाल में हासीमारा तक ट्रेन थी, अब यह सीधे भूटान के गेलेफू तक चलाई जाएगी। करीब 90 किलोमीटर लंबे इन दो रेल लाइनों पर 4,033 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
मिस्री ने बताया कि ये दोनों परियोजनाएं भारत और भूटान के बीच रेल संपर्क परियोजनाओं के पहले चरण का हिस्सा हैं। इन परियोजनाओं के लिए पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूटान यात्रा के दौरान समझौता ज्ञापन पर दस्तखत किए गए थे। भारत सरकार इन दोनों रेल परियोजनाओं में पूरी मदद करेगी। भारत की तरफ की रेलवे लाइन का खर्च रेल मंत्रालय उठाएगा। भूटान की तरफ का हिस्सा भारत सरकार की मदद से भूटान की पंचवर्षीय योजना के तहत बनेगा। मिस्री ने यह भी कहा कि यह पूरी तरह दोपक्षीय समझौते के आधार पर हो रहा है और इसमें किसी तीसरे देश का कोई दखल नहीं है।
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